हरियाणा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध, आपत्तिजनक एवं भ्रामक गतिविधियों के विरुद्ध प्रारंभ किया गया विशेष अभियान एक माह सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुका है।
अभियान के अंतर्गत साइबर टीम प्रतिदिन सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, लिंक एवं प्रोफाइल की पहचान कर रही है जिनमें भ्रामक जानकारी, उकसाने वाली भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाला कंटेंट पाया जाता है। ऐसे मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को तत्काल नोटिस जारी कर सामग्री हटाने की मांग की जाती है। पूरी प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और बिना किसी ढिलाई के संचालित की जा रही है।
डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देशानुसार 12 जनवरी 2026 से फर्जी ट्रेडिंग एवं निवेश ऐप्स के विरुद्ध विशेष संगठित अभियान प्रारंभ किया गया। अब तक 125 संदिग्ध ऐप्स एवं चैनलों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 88 को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाया जा चुका है, जबकि शेष 37 पर अंतिम समीक्षा एवं टेक-डाउन प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। डीजीपी ने कहा कि यह पहल नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामलों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
डीजीपी अजय सिंघल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर गलत, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है और किसी भी प्रकार की उकसाने वाली सामग्री सामाजिक सौहार्द एवं शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, निवेश से पूर्व किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें, बिना पुष्टि के कोई भी संवेदनशील सामग्री साझा न करें तथा संदिग्ध पोस्ट या ऐप की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।