अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) ने खरीफ फसलों के खराबे के मुआवजे की सरकार की घोषणा को मामूली और किसानों के साथ क्रूर मजाक बताया है। कुल 5 लाख 29 हजार किसानों ने पोर्टल पर अपने नुकसान को दर्ज करवाया लेकिन इसमें से मात्र 50 हजार किसानों के लिए ही मुआवजे की घोषणा की गई है।
यहां जारी बयान में किसान सभा के राज्य प्रधान बलबीर सिंह, महासचिव सुमित दलाल ने कहा कि अत्याधिक बारिश व जलभराव से प्रदेश के सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए थे। राज्य में करीब 31 लाख एकड़ खड़ी फसलें प्रभावित हुई थीं। किसान सभा मांग करती है कि वास्तविक नुकसान के अनुसार मुआवजा दिया जाए। इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा से परामर्श करके साझी विरोध कार्रवाई तय की जाएंगी।
धान खरीद का आढ़तियों का कमीशन बकाया : गर्ग
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार ने धान खरीद का लगभग 275 करोड रुपये आढ़तियों का कमीशन अभी तक नहीं दिया है। इसी तरह पल्लेदारों की मजदूरी सरकार की तरफ बाकी है। गर्ग के मुताबिक राइस मिलरों का 15 रुपये प्रति क्विंटल बोनस 31 मार्च तक सरकार को देना था वह भी अभी तक नहीं मिला है। लकड़ी के कैरेट व तिरपाल का तीन साल का किराया बाकी है।