अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सूचना आयोग में हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के पूर्व सदस्य होंगे। अगर अदालत में चुनाैती दी जाए तो सांविधानिक पेच फंस सकता है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट अधिवक्ता और सांविधानिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्तों के 5 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए तय नामों में एक नाम अंबाला की नीता खेड़ा का भी है। नीता खेड़ा अगस्त 2016 से अगस्त 2022 तक हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य रह चुकी हैं। संविधान के अनुच्छेद-319 (डी) के अनुसार नीता खेड़ा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की चेयरपर्सन या सदस्य अथवा राज्य लोक सेवा आयोग की चेयरपर्सन तो नियुक्त हो सकती हैं, परंतु केंद्र या राज्य सरकार के अधीन किसी पद पर उनकी नियुक्ति नहीं हो सकती। एडवोकेट हेमंत कुमार के मुताबिक दो वर्ष पूर्व अप्रैल 2023 में भी ऐसा हुआ था, जब डॉ. कुलबीर छिकारा की हरियाणा में सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति की गई थी। उनका हरियाणा सूचना आयोग में सूचना आयुक्त के तौर पर कार्यकाल अगले वर्ष अप्रैल 2026 तक है। चुनौती दिए जाने पर अदालत नीता खेड़ा और कुलबीर छिकारा की नियुक्ति रद्द कर सकती है।
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हरियाणा सरकार की दलील पर रखा तर्क
राज्य सूचना आयोग के स्वायत्त और अर्ध-न्यायिक संस्था होने के कारण नीता खेड़ा और कुलबीर छिकारा की नियुक्ति में अवरोध नहीं होने की हरियाणा सरकार की दलील पर हेमंत ने कहा कि कोई भी अथॉरिटी, आयोग या कमेटी जिसे राज्य या केंद्र सरकार के आदेश से या राज्य विधानमंडल या संसद से अधिनियमित कानून के अंतर्गत बनाया और चलाया जाए, तो उसमें की गई नियुक्ति को सरकार के अधीन ही माना जाता है।