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बड़े अफसर अनुसूचित जाति के अधिकारियों को करते हैं प्रताड़ित : कांग्रेस सांसद

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वरुण चौधरी ने कहा- न्यायिक कमेटी करे आईपीएस वाई पूरण कुमार मामले की जांच
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अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। आईपीएस वाई पूरण कुमार मामले में अब गहराई से जांच की मांग उठने लगी है। अंबाला लोकसभा क्षेत्र से सांसद वरुण चौधरी ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूर्ण कुमार के मामले में निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक कमेटी गठित करने की मांग की है। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने भी सीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सांसद वरुण चौधरी ने आरोप लगाया कि बड़े ओहदों पर बैठे अधिकारी अनुसूचित जाति के अधिकारियों को प्रताड़ित करते हैं। इससे अधिकारी मानसिक तनाव के माहौल में काम कर रहे हैं। उन्होंने आईपीएस वाई पूरण कुमार के सुसाइड नोट को सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि उन उच्चाधिकारियों के नाम उजागर हो सकें जो आत्महत्या के लिए कसूरवार हैं। वह इस मामले को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग तक लेकर जाएंगे।
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जनचेतना ट्रस्ट ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग



जनचेतना ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस निष्पक्ष जांच न कर पाए तो किसी एजेंसी से जांच करवानी चाहिए।
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यह आत्महत्या है या हत्या : भुक्कल
झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल बुधवार को वाई पूरण की पत्नी अमनीत पी कुमार से मिलने सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास पर पहुंचीं। इसके बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि पोस्टमार्टम अभी नहीं हुआ और एफआईआर की मांग की जा रही है। अमनीत पी कुमार के मोबाइल रख लिया गया है। अभी वह भी परेशान है। एक वरिष्ठ दलित आईपीएस अधिकारी का जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह समाज और सरकार के लिए चिंता का विषय है। भुक्कल ने कहा कि यह आत्महत्या या हत्या इसकी इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। मुख्यमंत्री नायब सैनी परिवार की भावनाओं को समझें और निष्पक्ष जांच करवाएं।
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