सभी सीडब्ल्यूसी मेंबर, वर्किंग प्रेसिडेंट, एमपी, एमएलए व अन्य रहेंगे मौजूद
22 अप्रैल को न्यू दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में होगी बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट ने तेजी पकड़ ली है। प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने 22 अप्रैल को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में राज्य के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है। इसमें विधायक दल के नेता, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारिणी गठन के नाम पर चर्चा होनी है। बैठक में सभी सीडब्ल्यूसी सदस्य, वर्किंग प्रेसिडेंट, पूर्व पीसीसी प्रेसिडेंट, सांसद, विधायक के साथ-साथ सांसद और विधायक प्रत्याशी रह चुके नेताओं को भी मौजूद रहना है। यह जानकारी प्रदेश अध्यक्ष उदयभान की तरफ से सभी सदस्यों व नेताओं को मैसेज के जरिए दी गई है।
बैठक में नेता प्रतिपक्ष बनाने के साथ संगठन के गठन पर चर्चा होगी। कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद पहले संगठन बनाने के बाद ही विधायक दल के नेता का नाम चुनने के संकेत दे चुके हैं। वहीं, प्रदेश में 37 विधायकों में तकरीबन 31 विधायक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा गुट के होने के कारण और हुड्डा के प्रभाव को देखते हुए नेता विपक्ष के लिए उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। इस दौड़ में सात बार से विधायक रघुवीर सिंह कादियान, विधायक अशोक अरोड़ा भी शामिल हैं, जबकि महिला पर दांव खेलने की परिस्थितियों में विधायक गीता भुक्कल भी प्रबल दावेदार हैं।
इसी तरह कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में सांसद वरुण मुलाना, राज्यसभा सदस्य रणदीप सुरजेवाला, लोकसभा सांसद कुमार शैलजा और गीता भुक्कल भी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अगर भूपेंद्र हुड्डा नेता प्रतिपक्ष बनाते हैं तो गैर जाट चेहरा अध्यक्ष बन सकता है। इसमें कुमारी सैलजा का नाम सबसे ऊपर है।