- 25 अक्तूबर से प्रस्तावित चौपाल अभियान टला, अब एक नवंबर की दिल्ली रैली के बाद शुरू होगा
- हरियाणा से एक लाख लोगों को दिल्ली लेकर जाने का लक्ष्य, विधायकों-सांसदों व पार्टी पदाधिकारियों को दी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस ने संगठनात्मक नियुक्तियों में वर्षों से चली आ रही परंपरा बदल दी है। अब पार्टी के पर्यवेक्षकों को दूसरे जिलों के बजाय उनके अपने ही जिलों में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। हरियाणा में पहली बार इस तरह का बदलाव किया गया है। इससे पहले पर्यवेक्षकों को दूसरे जिलों में लगाया जाता था। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और प्रदेश प्रभारी संजय दत्त ने चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस दफ्तर में प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी।
संजय दत्त ने कहा कि किसी नेता को उनके अपने जिले की जिम्मेदारी देने से कम समय में संगठन को मजबूत करने की बेहतर तैयारी हो सकती है। संबंधित नेता को अपने जिले की राजनीतिक परिस्थितियों, कार्यकर्ताओं और संगठन की स्थिति की जानकारी पहले से होती है। इसके विपरीत दूसरे जिले में जाने पर उसे वहां की परिस्थितियों को समझने और कार्यकर्ताओं से संपर्क स्थापित करने में समय लगाना पड़ता है।
दिल्ली रैली के बाद चौपाल अभियान
प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि कांग्रेस का 25 अक्तूबर से प्रस्तावित चौपाल अभियान अब एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली के बाद शुरू होगा। पार्टी की वोट बचाओ-देश बचाओ रैली की तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए हरियाणा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है। दिल्ली रैली के लिए 1 लाख लोगों का लक्ष्य को हरियाणा से ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए कांग्रेस के 32 विधायकों, पांच सांसदों, जिला अध्यक्षों, महिला अध्यक्ष, युवा कांग्रेस, जिला परिषद के अध्यक्ष व ब्लॉकस्तरीय नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र के मुताबिक रैली के लिए निजी वाहनों के साथ बस व अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनों के इस्तेमाल की तैयारी हो चुकी है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, गिरफ्तारी व बैलेट पेपर से चुनाव की मांग
प्रदेश प्रभारी संजय दत्त ने एक नवंबर की रैली को लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा का अभियान बताया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग करते हुए आगामी चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराने की मांग दोहराई। उन्होंने एसआईआर में अनियमितताओं की जांच और राहुल गांधी के सवालों का जवाब देने का मुद्दा भी उठाया।