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Chandigarh-Haryana News: सड़क हादसे में मौत पर समझौता, एफआईआर रद्द करने से हाईकोर्ट का इन्कार

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- समझौते के आधार पर एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज -दो बाइकों की टक्कर में पीछे बैठे मजदूर की हो गई थी मौत
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चंडीगढ़। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने यमुनानगर में हुए सड़क हादसे के आरोपी अनमोल की समझौते के आधार पर एफआईआर रद्द कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लापरवाही से ड्राइविंग के मामले में समझौते के आधार पर आपराधिक मामले को खत्म करते हुए एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती है।



एफआईआर के अनुसार राशिद अपने भतीजे असद की बाइक पर जा रहे थे। इस दौरान भरत गैस गोदाम के पास सड़क हादसा हो गया और इस हादसे में गंभीर रूप से घायल राशिद ने अस्पताल जाते समय दम तोड़ दिया। मामले में लापरवाही से वाहन चलाने, मानव जीवन को खतरे में डालने और लापरवाही से मौत से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। अनमोल पर आरोप है कि तीन सितंबर को उसकी बाइक एक अन्य मोटरसाइकिल से टकरा गई थी जिसमें पीछे बैठे मजदूर राशिद की मौत हो गई थी। यह एफआईआर अगले दिन जठलाना पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी।
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आरोपी अनमोल ने दलील दी थी कि उसे गलत तरीके से आरोपी बनाया गया और शिकायतकर्ता परिवार के साथ उसका समझौता हो चुका है। समझौता पत्र में परिवार ने केस आगे न बढ़ाने की बात कही थी। वकीलों ने तर्क दिया कि विवाद समाप्त हो चुका है इसलिए जांच जारी रखना बेमतलब है। हाईकोर्ट ने हाल ही के सतनाम सिंह बनाम पंजाब राज्य फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि मौत से जुड़े लापरवाही के मामलों में केवल समझौते के आधार पर पुलिस कार्यवाही या ट्रायल को खत्म नहीं किया जा सकता।
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कोर्ट ने कहा कि मौत के मामलों में असली पीड़ित स्वयं मृतक होता है जो किसी समझौते पर सहमति नहीं दे सकता। यदि ऐसे मामलों में समझौते के आधार पर एफआईआर रद्द होने लगे तो यह संदेश जाएगा कि गंभीर अपराध करने वाले पैसों या दबाव से बच सकते हैं। इसी के साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
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