अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर और ज्योतिसर तीर्थ के जीर्णोद्वार और सौंदर्यकरण के सभी कार्य गीता जयंती महोत्सव शुरू होने से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही या कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी वीरवार को सचिवालय में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) के अधीन तीर्थ स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र आएंगे और महोत्सव में भाग लेंगे।
सैनी ने भौर सैंदा तीर्थ (पेहवा) के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि वहां तालाब पर घाट का निर्माण, दर्शकों के लिए चित्रकारी और पेंटिंग का कार्य जल्द शुरू कराया जाए। उन्होंने बताया कि भौर सैंदा तालाब से मगरमच्छ निकलने का मामला संज्ञान में आया है लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। सीएम ने इसकी जांच अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार को सौंपी है। सीएम ने कहा कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। कार्यों की पहले ड्रॉइंग तैयार कर समय अवधि तय की जाए। सीएम ने कहा कि तीर्थ स्थलों पर महाभारत के श्लोकों के लेखन का कार्य पूरा किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को इन पवित्र स्थलों की महिमा की जानकारी मिल सके। उन्होंने 182 तीर्थ स्थलों पर महिमा पट्ट बनाने के कार्य की भी प्रगति रिपोर्ट मांगी। सैनी ने निर्देश दिए कि गीता जयंती महोत्सव के दौरान आरती के समय तिरंगा और हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएं, ताकि ब्रह्मसरोवर का दृश्य और अधिक भव्य और आकर्षक दिखे। उन्होंने कहा कि केडीबी की प्रगति की समीक्षा के लिए अगली बैठक शीघ्र आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी विभाग अपने कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करें।