अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह ने योजना के तत्काल और प्रभावी संचालन के निर्देश जारी किए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सभी जिलों में गरीब कैदियों की मददगार समितियों का गठन किया जाएगा। यह समिति जमानत पाने या जुर्माना भरने में असमर्थ गरीब कैदियों की पहचान, मूल्यांकन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इसमें जिला मजिस्ट्रेट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, पुलिस अधीक्षक, संबंधित जेल के अधीक्षक, उपाधीक्षक और जिला न्यायाधीश द्वारा नामित संबंधित जेल के प्रभारी न्यायाधीश शामिल होंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह डॉ. सुमिता मिश्रा ने गरीब कैदियों के लिए न्याय और मानवीय सहायता तक समान पहुंच के लिए सभी जिलों में गरीब कैदियों को सहायता योजना के तत्काल और प्रभावी संचालन के निर्देश जारी किए हैं। सभी उपायुक्तों को 15 दिनों के भीतर विस्तृत आवश्यक रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है। डॉ. मिश्रा ने कारागार महानिदेशक, सभी उपायुक्तों और सभी जिला मजिस्ट्रेटों को योजना के अनुसार सक्रिय और समय पर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक समिति एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगी और नागरिक समाज के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता या जिला जांच अधिकारी के साथ सहयोग कर सकती है। कारागार विभाग और सभी जिला मजिस्ट्रेटों को अधिकार प्राप्त समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने, जेलों का दौरा करने, जेल कर्मचारियों और कैदियों के बीच योजना के बारे में जागरूकता फैलाने और लाभार्थियों की सटीक सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है।