आदेश के अनुसार, स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान यदि कोई शिक्षक आपत्ति दर्ज करता है, तो उसका निपटारा सात दिनों के भीतर जिला स्तर की समिति द्वारा किया जाएगा और निर्णय सार्वजनिक किया जाएगा।
हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक स्थानांतरण नीति-2025 के अंतर्गत शिक्षकों की आपत्तियों और दावों के निपटारे की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
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आदेश के अनुसार, स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान यदि कोई शिक्षक आपत्ति दर्ज करता है, तो उसका निपटारा सात दिनों के भीतर जिला स्तर की समिति द्वारा किया जाएगा और निर्णय सार्वजनिक किया जाएगा। यदि शिक्षक इस निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह तीन दिन के भीतर राज्य स्तर की समिति में अपील कर सकता है। राज्य स्तर की समिति को भी तीन दिनों के भीतर अंतिम निर्णय देना होगा, जो सभी पर बाध्यकारी होगा।
माध्यमिक शिक्षा से जुड़े मामलों में जिला स्तर की समिति की अध्यक्षता संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे। समिति में उप जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे। यदि उप जिला शिक्षा अधिकारी का पद रिक्त है, तो एक अतिरिक्त खंड शिक्षा अधिकारी को समिति में शामिल किया जाएगा।
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मौलिक शिक्षा से संबंधित मामलों में जिला स्तर की समिति की अध्यक्षता जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी करेंगे। समिति में उप जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे। इसके अलावा, शिक्षकों की आपत्तियों के अंतिम समाधान के लिए निदेशालय स्तर पर भी समितियों का गठन किया गया है, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष बनाई जा सके।