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Chandigarh-Haryana News: सीएम पैक्स किसानों को बनाएगा आत्मनिर्भर, वीटा बूथ कर सकेंगे संचालित

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सीएम पैक्स को जन औषधि केंद्रों के साथ ही काॅमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के संचालन का मिलेगा माैका
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सहकारिता से आत्मनिर्भरता की ओर कदम, पहले 500 सीएम पैक्स तो अगले चरण में प्रत्येक गांव में खुलेंगे
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। सहकारिता विभाग किसानों और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। हरियाणा सरकार ने अब सीएम पैक्स (कम्प्रीहेंसिव मल्टी पर्पज एक्टिविटी कोऑपरेटिव सोसाइटी) के माध्यम से स्वरोजगार के नए रास्ते खोल दिए हैं। सीएम पैक्स में शामिल किसानों या ग्रामीणों को सरकार की कई योजनाओं का लाभ मिलेगा। हाल ही में वीटा बूथ के संचालन में सीएम पैक्स को वरीयता देने का निर्णय लिया जा चुका है। जन औषधि केंद्र और काॅमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के संचालन के लिए सरकार की तरफ से मंजूरी मिलना शेष है।
प्रदेश सरकार ने हरियाणा में पहले चरण में 500 सीएम पैक्स के संचालन का निर्णय लिया था। दूसरे चरण में प्रदेश के सभी 6750 गावों में सीएम पैक्स के संचालन की योजना पर काम होगा। फिलहाल 256 सीएम पैक्स पंजीकृत हो चुके हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आमजन आत्मनिर्भर बन सकें इसके लिए वीटा बूथ के संचालन में सीएम पैक्स से जुड़े लोगों को वरीयता देने की योजना को विभागीय मंजूरी मिल गई है।
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राज्य में फिलहाल 670 वीटा बूथ संचालित हैं। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 350 नए वीटा बूथ खोलने का कार्य शुरू होने वाला है। सीएम पैक्स से जुड़े लोगों को बूथ पाने का माैका मिल सकेगा। कोऑपरेटिव सोसाइटी हरियाणा के रजिस्ट्रार अमरदीप सिंह का कहना है कि सीएम पैक्स का उद्देश्य यही है कि सहकारिता के कार्य को और मजबूती से बढ़ाया जा सके और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आर्थिक लाभ हो सकें।



पैक्स से अलग भूमिका में होंगे सीएम पैक्स
प्रदेश सरकार ने इस वर्ष सीएम पैक्स को धरातल पर उतारने के लिए घोषणा की थी। फिलहाल प्रदेश में पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समिति) का किसानों को खाद-बीज के साथ ऋण वितरण करने का काम है। सीएम पैक्स ऋण वितरण को छोड़कर प्रत्येक व्यवसायिक गतिविधियों को संचालित कर सकती हैं। सीएम पैक्स पेट्रोल पंपों के निर्माण व संचालन से लेकर अनाज गोदामों के निर्माण और फसलों की बिक्री तक का कार्य करेंगे।
सीएम पैक्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों का लाभ होगा। सीएम पैक्स से जुड़े किसान किसी भी खाद्य उत्पाद को तैयार कर सकेंगे जो भी उत्पाद तैयार किए जाएंगे उनकी बाजारों में बिक्री भी कर सकेंगे जो कुटीर उद्योग बंद होने के कगार पर हैं या फिर कृषक या ग्रामीण हैं उन्हें सीएम पैक्स के माध्यम से नए कुटीर उद्योगों को लगा सकेंगे।
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न्यूनतम 11 सदस्य, इसलिए अधिक लोग आत्मनिर्भर बनेंगे
केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत के सपने को सीएम पैक्स के माध्यम से पूरा करने का लक्ष्य है। दरअसल, सीएम पैक्स के पंजीकरण के लिए अनिवार्य शर्त यही है कि न्यूनतम सदस्यों की संख्या 11 हो और अधिकतम कितने भी सदस्य हो सकते हैं। प्रदेश के पांच एकड़ तक जमीन वाले किसान हो या फिर गैर कृषि कार्य से जुड़े लोग सीएम पैक्स से जुड़कर स्वरोजगार के कार्यों से जुड़ेंगे।
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