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Chandigarh-Haryana News: ड्रेनों की साफ-सफाई मानसून से पहले करें, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ड्रेन की आंतरिक सफाई की धीमी गति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा- मानसून आने में बहुत कम समय बचा है मगर काम अधूरा है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ मंगलवार की बैठक में उन्होंने कहा- सभी अधिकारी अपने जिले की ड्रेन की सफाई का कार्य हर हाल में 15 जून से पहले कर लें। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी अन्य प्रशासनिक सचिवों के साथ दस जून को फिर से कार्य प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस दौरान यदि किसी अधिकारी की ओर से कोई लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाढ़ सुरक्षा प्रयासों की निगरानी कर रहे सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में मानसून सीजन से पहले ड्रेनों की सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देना सुनिश्चित करें। इसके लिए एक शेड्यूल बनाए। इसकी निगरानी के लिए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को करें ताकि ड्रेनों का कार्य मानसून के आगमन से पहले हो सके। फील्ड में कार्यरत सभी अधीक्षण अभियंता सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्रों की ड्रेन की सफाई ठीक ढंग से हो।
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बैठक में सैनी ने कहा- अधिकारी अल्पकालिक उपायों पर फोकस करते हुए बाढ़ नियंत्रण से संबंधित चल रही योजनाओं को पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी के लिए आवश्यक पंपों की स्थिति और उपलब्धता का आकलन करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को विशिष्ट क्षेत्रों में जलभराव के कारणों की पहचान करने व स्थायी समाधान प्रदान करने के लिए लक्षित योजनाएं बनाने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान टांगरी और मारकंडा नदियों से गाद निकालने के भी निर्देश दिए हैं।
बैठक में बताया गया कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग मानसून के दौरान जल भंडारण के लिए एसवाईएल और हांसी-बुटाना लिंक नहरों के मौजूदा चैनलों का इस्तेमाल करने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम कर रहा है। इसमें ड्रेनों समेत घग्गर नदी के पानी को इन दोनों नहरों में भेजना और पानी को रोकने के लिए अस्थायी अवरोधों का निर्माण करना शामिल है। इस पहल का उद्देश्य न केवल बाढ़ नियंत्रण और भूजल को रिचार्ज करना है, बल्कि सिंचाई की जरूरतों को पूरा करना भी है।
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बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह एवं राजस्व) सुमिता मिश्रा मौजूद रहीं।
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