2031 तक अर्बन चैलेंज फंड योजना में 9600 करोड़ से होंगे काम, निकायों को प्रस्ताव बनाने के दिए निर्देश
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की योजना के तहत केंद्र व राज्य की हिस्सेदारी 25-25 प्रतिशत की रहेगी
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। शहरी क्षेत्रों में विकास कार्य कराने के लिए निकायों की अधिक हिस्सेदारी के साथ अब जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अर्बन चैलेंज फंड योजना पर काम शुरू हो गया है। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने निकायों को योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत हरियाणा में वर्ष 2030-2031 तक करीब 9600 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च होंगे। निकायों को अपने दम पर 4800 करोड़ रुपये जुटाकर विकास कार्य कराने होंगे। केंद्रीय योजना में तीन मुख्य बिंदुओं पर काम होगा। इनमें शहरों का विकास, विकसित शहरों का रचनात्मक पुनर्विकास और पेयजल आपूर्ति-सफाई के कार्य शामिल किए हैं। योजना के तहत 25 प्रतिशत केंद्र, 25 प्रतिशत राज्य सरकार और शेष 50 प्रतिशत बैंक से ऋण या पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत निवेश करके विकास कार्य करवाए जाएंगे। बैंकों से ऋण लेकर या पीपीपी के माध्यम से 50 फीसदी बजट का इंतजाम निकायों को अपने स्तर से योजना बनाकर करना होगा।
योजना के तहत 5 वर्षों के लिए इस योजना में 2400 करोड़ रुपये का केंद्र सरकार सहयोग करेगी। राज्य सरकार भी 2400 करोड़ रुपये का योगदान देगी। शेष 4800 करोड़ रुपये की रकम का इंतजाम निकायों को करना होगा। निकाय जो भी ऋण लेंगे ब्याज समेत उसकी किस्तों का भुगतान स्वयं करेंगे।
राज्य के 87 निकायों में भविष्य की आवश्यकताओं के आधार पर योजनाएं तैयार की जाएंगी। शहरों में यातायात व्यवस्थित करने के लिए रेडलाइट व सुरक्षा के लिहाजे से सीसीटीवी कैमरे लगवाने का कार्य होगा। मल्टी लेवल पार्किंग, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जाएगा। सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के संचालन व निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड-कंट्रोल सेंटर भी स्थापित करने का प्रस्ताव योजना में हैं। सड़क निर्माण, परिवहन, खेल स्टेडियमों का भी निर्माण होगा। यदि पीपीपी के तहत निवेश करने वाली एजेंसियों के मुनाफे की बात करें तो वह मल्टीस्टोरी अत्याधुनिक पार्किंग जैसी उन योजनाओं में निवेश कर सकेंगी जिनके निर्माण से बाद में राजस्व मिल सके।
योजना के तहत केंद्र तीन चरणों में बजट जारी करेगा। केंद्र सरकार मंजूर परियोजना की कुल लागत या टेंडर की कुल लागत के रूप में पहली किस्त के रूप अपनी हिस्से की 30 प्रतिशत रकम देगी। दूसरी किस्त के रूप में 50 प्रतिशत, तीसरी किस्त के लिए शेष 20 प्रतिशत रकम मिलेगी। योजना की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कमेटी बनेगी।
केंद्र सरकार के साथ साझेदारी वाली अर्बन चैलेंज फंड योजना में तय निर्देशों के आधार पर काम होगा। योजना के क्रियान्वयन, निगरानी आदि सभी बिंदुओं पर आगामी तैयारियां शुरू की गई हैं।
- अशोक मीणा, आयुक्त एवं सचिव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग