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Chandigarh-Haryana News: कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में जाति को दी जाएगी प्राथमिकता

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जिले में जिस जाति का होगा वर्चस्व, उसे मिलेगी तवज्जो, जुलाई के मध्य में घोषित हो सकते हैं जिला अध्यक्ष
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ग्रामीण अध्यक्षों के साथ कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए जाएंगे


आशीष वर्मा


चंडीगढ़। करीब 11 साल बाद हरियाणा में कांग्रेस संगठन खड़ा करने में जुटी हुई है। हरियाणा से जिलाध्यक्षों के नाम के पैनल बनाकर हाईकमान के पास भेज दिए गए हैं। आठ व नौ जुलाई को राहुल गांधी इन पैनल पर चर्चा कर सकते हैं। मध्य जुलाई तक जिला अध्यक्ष घोषित होने की संभावना है। जिला अध्यक्ष चुनने के दौरान दावेदार की योग्यता के साथ उसकी जाति एक अहम शर्त रहेगी। अध्यक्ष पद पर ऐसे चेहरे को बैठाया जाना तय है, जो जिले के जातीय समीकरण में फिट बैठता हो। जिले में जिस जाति की आबादी ज्यादा होगी, वहां उस वर्ग के उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।
कांग्रेस ने दावेदारों से जब फार्म भरवाया था तो उस दौरान उनकी जाति के साथ उपजाति भी पूछी थी। जाति का कॉलम भी भरना अनिवार्य किया गया था। दरअसल, पिछले 11 साल से प्रदेश में पार्टी का संगठन नहीं है और पार्टी की पूरी राजनीति एक जाति विशेष के ईर्द-गिर्द घूमती रही है। इसकी वजह से पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बीते तीन लोकसभा व विधानसभा चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी।
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पिछड़ी व अनुसूचित जाति का वोट बैंक दूसरी पार्टी में शिफ्ट हो गया। इतने चुनाव हारने के बाद पार्टी को अहसास हो गया कि सभी जातियों को साधे बिना सत्ता हासिल नहीं की जा सकती। ऐसे में अब पार्टी ने जातीय समीकरण को साधने की कोशिश शुरू कर दी है। कांग्रेस के एक सूत्र ने बताया, जिला अध्यक्ष चुने जाने के दौरान जाति और योग्यता दो अहम फैक्टर होंगे। जाट बहुल जिले में जाट तो अनुसूचित जाति के जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह पिछड़ी जातियों को उनकी जातियों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में तवज्जो दी जाएगी।
कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद के मुताबिक पर्यवेक्षकों ने परामर्श के बाद प्रत्येक जिले के लिए छह नामों को फाइनल किया है। पर्यवेक्षकों की ओर से इन नामों के पैनल को महासचिव संगठन को सौंपा गया है। नाम फाइनल होने से पहले महासचिव भी पर्यवेक्षकों से बातचीत कर फीडबैक लेंगे। जिला अध्यक्षों के लिए अंतिम नाम 15 जुलाई के आसपास घोषित किए जाने की संभावना है।

22 जिलों में 33 जिला अध्यक्ष बनाए जाएंगे

कांग्रेस इस बार संगठन बनाने में कोई चूक नहीं करना चाहती इसलिए हर कदम सोच समझकर उठा रही है। 22 जिलों में इस बार 33 जिला अध्यक्ष बनाए जाएंगे। बड़े जिले में एक शहरी अध्यक्ष होगा और दूसरा ग्रामीण अध्यक्ष। सिरसा, सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, अंबाला, रोहतक, भिवानी व फतेहाबाद में दो-दो अध्यक्ष बनाए जाएंगे। कई जिलों में कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए जाएंगे। इसमें भी जातीय समीकरण को परखा जाएगा। छोटे जिलों में एक ही अध्यक्ष बनाया जाएगा।
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प्रदेश अध्यक्ष के बाद चुना जाएगा नेता प्रतिपक्ष

कांग्रेस जिला अध्यक्षों के साथ प्रदेश अध्यक्ष भी चुना जाना है। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष चुनने के बाद ही नेता प्रतिपक्ष का चुनाव होगा। पार्टी की प्राथमिकता संगठन को गठित करना है। संगठन बनाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष चुना जाएगाा। प्रदेश अध्यक्ष को नई टीम दी जाएगी ताकि वे नई टीम के साथ प्रदेश में काम करें। उसके बाद नेता प्रतिपक्ष के नाम पर मुहर लगेगी। कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि इस बार के मानसून सत्र में कांग्रेस के विधायक अपने नेता प्रतिपक्ष के साथ बैठेंगे।
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