अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मांग उठाई है कि प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए। कहा कि प्रदेश व केंद्र की भाजपा सरकार मिलकर लगातार हरियाणा के हकों पर कुठाराघात कर रही है। एसवाईएल व भाखड़ा के मुद्दे पर धोखा देने के बाद अब चंडीगढ़ के मुद्दे पर भी हरियाणा के अधिकार को कमतर करने की कोशिश की जा रही है।
खुद केंद्र सरकार स्पष्ट नहीं कर पा रही कि चंडीगढ़ की मौजूदा स्थिति क्या है। क्या ये पंजाब-हरियाणा की साझा राजधानी रहेगी या पूरी तरह केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा? इन तमाम मुद्दों पर विधानसभा के भीतर चर्चा होनी चाहिए और बीजेपी को कांग्रेस के सवालों व जनता की आशंकाओं का जवाब देना चाहिए। हुड्डा ने कहा कि चंडीगढ़ और एसवाईएल को लेकर स्पष्ट है कि भाजपा सरकार हरियाणा के हकों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद आज तक भाजपा हरियाणा को उसके हक का पानी नहीं दिला पाई है। वहीं, चंडीगढ़ में हरियाणा की राजधानी होते हुई भी सरकार विधानसभा के लिए जमीन लेने में नाकाम रही है। प्रदेश सरकार को विधानसभा में बताना चाहिए कि उसकी केंद्र सरकार के सामने इतनी दयनीय स्थिति क्यों है ?