- प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद व प्रदेशाध्यक्ष ने दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गुटबाजी जगजाहिर है, इसी वजह से 11 वर्षों में संगठन का विस्तार तक नहीं हो सका है। चुनावी हार के कारणों में संगठन नहीं होने का पांच फीसदी असर भी पड़ा है। यह बात प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने बुधवार को संगठन विस्तार को लेकर जानकारी देते हुए खुद स्वीकार किया है। प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान में मौजूद थे।
बीके हरिप्रसाद ने कहा कि 10 जून से सभी केंद्रीय पर्यवेक्षक अपने पीसीसी के सह पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर अपने-अपने जिलों में काम शुरू कर देंगे। इसी दौरान जिला अध्यक्षों के लिए आवेदन भी शुरू हो जाएंगे। इसके तहत पर्यवेक्षकों का पैनल अपने जिलों में सभी पूर्व सांसदों, पूर्व मंत्रियों, पूर्व मेयरों, पार्षदों, सदस्यों और कार्यकर्ताओं से मिलकर फीडबैक लेंगे। इसके बाद 30 जून तक सभी पर्यवेक्षकों की टीम प्रत्येक जिले से छह-छह उम्मीदवारों का पैनल प्रदेश प्रभारी को सौंपेगी। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को भेजी जाएगी। वहां से जिला अध्यक्षों के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
अब तीन की जगह छह उम्मीदवारों का पैनल तैयार होगा
बीके हरिप्रसाद ने बताया कि पहले प्रत्येक जिले से तीन-तीन दावेदारों का पैनल तैयार कर एआईसीसी को भेजना था। अब राहुल गांधी ने तीन-तीन की जगह छह-छह दावेदारों के पैनल बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में लंबे समय से संगठन विस्तार की मांग थी।
फॉर्म में फॉर्मेट के तहत आवेदन
बीके हरिप्रसाद ने कहा कि आवेदन फॉर्म को फॉर्मेट में भरना होगा। इसमें नाम, राजनैतिक अनुभव, किस-किस पद पर रहकर कांग्रेस की कितने साल सेवा की, बैकग्राउंट, शैक्षणिक योग्यता सहित अन्य जानकारी भरनी होगी।
कार्यकारी जिला अध्यक्षों पर भी विचार
प्रेसवार्ता के दौरान जिला अध्यक्षों के साथ कार्यकारी जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के सवाल पर बीके हरिप्रसाद ने कहा कि यह भविष्य में तय होगा। अभी संगठन विस्तार के दौरान सभी जिला अध्यक्षों की नियुक्ति और ब्लॉक स्तर पर नेताओं को नियुक्त करना है।
नेता प्रतिपक्ष व प्रदेशाध्यक्ष पर साधी चुप्पी
संगठन विस्तार के बाद प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष और प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति और उसके मानक के सवाल पर बीके हरिप्रसाद ने जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अभी वह सिर्फ संगठन विस्तार पर बात करेंगे। ये नियुक्तियां शीर्ष नेताओं के स्तर पर तय की जाती हैं।
सख्त सुरक्षा, पहले से तय नेता ही पहुंचे
दोपहर 12 बजे के करीब पीसीसी दफ्तर पहुंचे राहुल गांधी 4 बजे तक एयरपोर्ट रवाना हो गए। इस दौरान दफ्तर के आसपास चंडीगढ़ पुलिस ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया था। वहीं, कांग्रेस की तरफ से पहले से निर्धारित नेता ही राहुल गांधी की मौजूदगी में दफ्तर में पहुंचे थे। हालांकि, राहुल के जाने के बाद कांग्रेस के कुछ विधायक दफ्तर में एंट्री करते नजर आएं।