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सांसों पर संकट: हरियाणा के नौ शहरों की हवा जहरीली, देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर भिवानी, एक्यूआई 375

Wed, 13 Nov 2024 10:13 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

देशभर में वायु प्रदूषण से विकट स्थिति बनी हुई है। हाल यह है कि हरियाणा के नौ शहरों की हवा सांस लेने लायक नहीं बची है। अधिकांश शहरों का एक्यूआई 250 से ऊपर है। वहीं राजधानी चंडीगढ़ का भी यही हाल है।
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AIR Pollution - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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हरियाणा में सांसों पर संकट बढ़ता जा रहा है। सूबे में बच्चे, बुजुर्गों और मरीजों की सांसों पर प्रदूषित हवा गहरा संकट बनता जा रहा है। देश के 28 बेहद प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 9 शहर हैं। इन शहरों की हवा खतरनाक हो चुकी है। देश में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर भिवानी का एक्यूआई 375 क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया है। जबकि पहले नंबर पर दिल्ली (418) और दूसरे पर बिहार के हाजीपुर (417) है, दोनों की शहरों में प्रदूषण गंभीर स्तर पर है। 

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विशेषज्ञ के मुताबिक प्रदेश में बिना वजह घर से बाहर तक निकलना जान के लिए खतरा हैं। साथ ही प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ में लगातार हवा गुणवत्ता खतरनाक बनी हुई है। बुधवार को चंडीगढ़ का एक्यूआई 372 दर्ज किया गया है।

इसके अलावा पानीपत की हवा बेहद खराब है, वहां एक्यूआई 370 पहुंच गया। प्रदेश की आर्थिक राजधानी गुरुग्राम का 321, सोनीपत 338, रोहतक 303, जींद 321, चरखी-दादरी 307, बल्लभगढ़ 307 एक्यूआई के साथ खतरनाक स्थिति बनी हुई है।
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जबकि 12 नवंबर को भिवानी का एक्यूआई 158 था, यानी 24 घंटे के अंदर दो गुना से ज्यादा शहर का एक्यूआई बढ़कर 375 पहुंच गया। इसी तरह एक दिन पहले पानीपत का एक्यूआई 185 था, जबकि बुधवार को दोगुना से ज्यादा बढ़कर 370 हो गया। सोनीपत, जींद और बहादुरगढ़ के एक्यूआई में 24 घंटे के अंदर तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।

10 जिलों का एक्यूआई 200 पार, तीन रेड जोन के बेहद करीब
देश के 50 शहरों का एक्यूआई 200 से 300 के बीच है। इसमें प्रदेश के 10 जिले शामिल हैं, इनमें भी तीन जिलों का एक्यूआई रेड जोन (300) के बेहद करीब है। इन प्रदूषित जिलों में अंबाला 284, बहादुरगढ़ 285, फरीदाबाद 262, हिसार 277, कैथल 221, करनाल 236, कुरुक्षेत्र 264, पंचकूला 295, सिरसा 259 और यमुनानगर 254 है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
पीजीआई चंडीगढ़ में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल ने बताया कि हरियाणा में मौसम में बदलाव के साथ हवा की गति में परिवर्तन दर्ज किया गया है। इसी कारण प्रदेश में प्रदूषण का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा है। यह प्रदूषण स्तर घर से बाहर निकलने, सुबह शाम सैर या व्यायाम करने, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को तेजी के लिए हवा में घुले हुए जहर के बराबर है। ऐसे में जरा सी सावधानी हटी तो तुरंत स्वास्थ्य संबंधित दुर्घटना घट सकती है।

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