फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh-Haryana News: महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक ने कार्य में की देरी, 15 हजार जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
- नूंह जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय की लापरवाही पर हरियाणा सेवा अधिकार आयोग सख्त
विज्ञापन

-शिकायतकर्ता को 5,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश, कुल 20,000 रुपये की राशि सहायक के वेतन से होगी वसूल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में आमजन के कार्यों में लापरवाही बरतने के मामले में सेवा अधिकार आयोग सख्त हो गया है। एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक की लापरवाही मिली। आयोग ने संबंधित सहायक पर कार्य में देरी के लिए 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही 5000 रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश भी दिए हैं। इस तरह से कुल 20 हजार रुपये की राशि सहायक के वेतन से ही वसूल की जाएगी।
विज्ञापन

हरियाणा सेवा अधिकार आयोग ने एक मामले में आरटीएस (राइट टू सर्विस) की समय-सीमा के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। नूंह निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत समय पर आवेदन किया लेकिन निर्धारित आरटीएस अवधि के बावजूद उन्हें योजना का लाभ देरी से प्रदान किया गया। आयोग ने जांच का हवाला देते हुए कहा कि 25 जुलाई 2024 को सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया गया था लेकिन आवश्यक यूनिक कोड समय पर जनरेट न होने के कारण लाभ का भुगतान 16 अप्रैल 2025 को किया जा सका। जिला कार्यक्रम अधिकारी नूंह ने इस प्रकरण में बार-बार मामला संज्ञान में लाने के लिए पत्र भेजे लेकिन संबंधित जिम्मेदार सहायक के कार्यालय ने यूनिक कोड समय से जारी नहीं किया। आयोग ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग कोटे के तहत नियुक्ति होने के बावजूद सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाए। अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें