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हरियाणा में नशा तस्करों की संपत्ति होगी अटैच: डीजीपी अजय सिंघल ने ली पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक

Fri, 02 Oct 2026 12:44 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

डीजीपी ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि तस्करी से होने वाली कमाई कहां जा रही है और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।
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डीजीपी अजय सिंघल ने ली मीटिंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा पुलिस अब नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और अवैध कमाई के स्रोतों पर कार्रवाई करेगी। नशा तस्करों की अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार अटैच करने और कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर जिला स्तर पर उसके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।
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पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय पंचकूला में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में नशा तस्करी, गैंगस्टर नेटवर्क, फिरौती की धमकियों, संगठित अपराध, सीसीटीवी नेटवर्क और महिला एवं बाल सुरक्षा सहित कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
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तस्करों की संपत्ति और वित्तीय नेटवर्क पर नजर
डीजीपी ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि तस्करी से होने वाली कमाई कहां जा रही है और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार अटैच करने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की पुलिस अधीक्षक सृष्टि गुप्ता ने बैठक में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई पर प्रस्तुति दी। इसमें मादक पदार्थ अधिनियम के तहत जांच, बड़ी मात्रा में पकड़े गए मामलों, संगठित तस्करी गिरोहों की पहचान और खोजी कुत्ता दस्ते के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।

राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख एडीजीपी संजय कुमार ने संगठित नशा तस्करी गिरोहों के पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे तोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एएनटीएफ की कार्यप्रणाली की जल्द समीक्षा होगी और जिलों में उसके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। साथ ही सूचना तंत्र मजबूत करने और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

गैंगस्टर और फिरौती के नेटवर्क पर भी शिकंजा
डीजीपी ने गैंगस्टर नेटवर्क और फिरौती की धमकियों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अपराधियों के आपसी संपर्क, युवाओं की भर्ती के तरीके और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे संचार माध्यमों का विश्लेषण करने को कहा। जेलों में बंद अपराधियों के बीच होने वाले संपर्कों पर भी निगरानी रखने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आपराधिक नेटवर्क को फैलने से रोकने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि यदि कोई अपराधी या गैंगस्टर पुलिस पर हथियार से हमला करता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

1.25 लाख सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क
अपराध नियंत्रण और जांच में सीसीटीवी की भूमिका को देखते हुए डीजीपी ने इसे और मजबूत करने के निर्देश दिए। प्रदेश में अब तक करीब 1.25 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। होटल, आभूषण की दुकानों, बैंकों, आरडब्ल्यूए, बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सड़क की ओर कैमरे लगाने के लिए संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय करने को कहा गया।
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बैठक में महिलाओं के खिलाफ अपराध, गुमशुदा बच्चों की तलाश और धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने सहित अन्य संवेदनशील मुद्दों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
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