नए नियमों के अनुसार, नव नियुक्त पटवारियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 19,900 रुपये का प्रारंभिक वेतन मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनका वेतनमान बढ़कर 32,100 रुपये हो जाएगा। पटवारियों के लिए न्यूनतम एक वर्ष का अनिवार्य प्रशिक्षण निर्धारित किया गया है।
हरियाणा सरकार ने राजस्व पटवारी (ग्रुप ग) सेवा नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन संशोधनों के तहत पटवारियों के वेतनमान, प्रशिक्षण अवधि और अनुशासनात्मक प्रावधानों में बदलाव किया गया है। यह अधिसूचना 1 सितंबर, 2026 को जारी की गई है, लेकिन इसे 1 जनवरी, 2025 से प्रभावी माना जाएगा।
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नए नियमों के अनुसार, नव नियुक्त पटवारियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 19,900 रुपये का प्रारंभिक वेतन मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनका वेतनमान बढ़कर 32,100 रुपये हो जाएगा। पटवारियों के लिए न्यूनतम एक वर्ष का अनिवार्य प्रशिक्षण निर्धारित किया गया है। इस प्रशिक्षण में छह महीने का पटवार स्कूल प्रशिक्षण और छह महीने का क्षेत्रीय प्रशिक्षण शामिल होगा। प्रशिक्षण एक सत्र में पूरा होगा, जिसके अंत में उम्मीदवारों को परीक्षा देनी होगी।
प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम और विवरण निदेशक द्वारा सरकार के परामर्श से तय किए जाएंगे। प्रशिक्षण अवधि के दौरान कोई वेतनवृद्धि नहीं दी जाएगी। निर्धारित विभागीय परीक्षाएं उत्तीर्ण करने तक भी वेतनवृद्धि अनुमेय नहीं होगी।
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अनुशासन और अपील प्रावधान
अनुशासन, शास्तियों और अपीलों से संबंधित मामलों में, पटवारी हरियाणा सिविल सेवा (दंड तथा अपील) नियम, 2016 द्वारा शासित होंगे। ये नियम समय-समय पर संशोधित होते रहेंगे। शास्तियां लगाने और अपील सुनने के लिए सक्षम प्राधिकारी नियमों के परिशिष्ट ग और घ में निर्दिष्ट होंगे। यह बदलाव पटवारियों के लिए एक स्पष्ट अनुशासनात्मक ढांचा स्थापित करता है।