शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा अमर उजाला की ओर से छात्रों की पसंद से श्रेष्ठ शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षक सम्मान के लिए सरकार ने नियम और पात्रता तय कर रखी है लेकिन बच्चों की पसंद से शिक्षकों का चयन सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए छात्रों की भागीदारी भी शामिल कर सकती है। उनकी पसंद जानने के लोकतांत्रिक तरीके को भी शामिल करेगी। इससे योग्य शिक्षकों का निष्पक्ष चयन हो सकेगा।
समारोह में शिक्षा मंत्री ने 109 शिक्षकों को सम्मानित किया। शिक्षकों में खासा उत्साह नजर आया। कई शिक्षक शिक्षा मंत्री के साथ सेल्फी लेना चाहते थे। मंत्री ने भी किसी को निराश नहीं किया और शिक्षकों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। अमर उजाला के शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों के चयन के लिए हरियाणा में पहली बार इस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई। करनाल, रोहतक और हिसार जिलों में सबसे पहले स्कूलों का पंजीकरण हुआ। कुल 110 स्कूलों ने पंजीकरण किया। इन स्कूलों से 1300 शिक्षकों को चुनाव के लिए नामांकित किया गया। फिर आई बच्चों की बारी। 35 हजार से अधिक छात्रों ने ऑनलाइन मतदान के जरिए अपने पसंदीदा शिक्षकों का चयन किया। मतदान को लेकर छात्रों में खासा उत्साह रहा। स्कूलों में चुनाव की तर्ज पर मतदान केंद्र और सेल्फी पॉइंट बनाए गए थे। शिक्षकों ने भी माना कि छात्रों के मतदान से चुना जाना उनके लिए ऐतिहासिक और यादगार अनुभव रहा।
इस आयोजन का महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि बच्चों ने अपने पसंदीदा शिक्षकों को ही नहीं चुना बल्कि मतदान की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहुत करीब से समझा व जाना, उसमें भागीदार बने। इस तरह अमर उजाला की इस पहल ने बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास भी किया।