केंद्र ने हरियाणा सरकार को इस दिशा में काम करने के दिए थे निर्देश
चंडीगढ़। हरियाणा में एमआरआई व सीटी स्कैन के बाद डायग्नोस्टिक सेवाएं भी पीपीपी मॉडल से चलेगी। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। पिछले दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हरियाणा को पीपीपी के माध्यम से डायग्नोस्टिक व अन्य सेवाओं में साझेदारी के अवसर तलाशने को निर्देश दिए थे। इसके तहत हरियाणा के सिविल अस्पतालों में जिन टेस्टों की सुविधाएं नहीं होगी, वह किसी एनजीओ व निजी डायग्नोस्टिक के जरिये करवाए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पिछले हफ्ते ही इस संबंध में विचार-विमर्श किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने केंद्र के इस प्रोजेक्ट को गंभीरता से लिया और उन्होंने अधिकारियों को इस विषय पर जल्द से जल्द काम करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग में पहले से ही पीपीपी मॉडल के तहत कई योजनाएं संचालित हो रही हैं। इनमें हृदय रोग का इलाज, एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा शामिल हैं।
राज्य के पांच से छह जिलों में हार्ट की सुविधाएं संचालित हो रही हैं। वहीं, एमआरआई व सिटी स्कैन की सुविधा के लिए निविदा जारी की जा चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पूर्व सीएम मनोहर लाल ने भी डायग्नोस्टिक सेवाएं पीपीपी मॉडल के तहत शुरू करने के लिए कहा था, मगर कुछ अड़चनों की वजह से यह प्रयोग आगे नहीं बढ़ सका था। अब फिर से इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र से कैंसर की सुविधाएं बढ़ाने की भी मांग की है। स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र से जिला स्तर पर मेमोग्राफी व ऑडियोलॉजी क्लीनिक की सुविधाएं बढ़ाने में सहयोग करने की मांग की है।