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ADGP Suicide: एसपी नरेंद्र बिजाराणिया को हटाया, 31 सदस्यीय कमेटी कल करेगी महापंचायत; कैबिनेट की बैठक स्थगित

Sat, 11 Oct 2025 04:19 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने सुसाइड नोट में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लिखे थे। चंडीगढ़ पुलिस ने वीरवार रात फाइनल नोट के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी, मगर आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया था। इस बात से परिवार नाराज था और एफआईआर में संशोधन पर अड़ा था।
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महापंचायत के बारे में जानकारी देते कमेटी के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के एडीजीपी आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले में सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया का तबादला कर दिया गया है। अब सुरिंदर सिंह भोरिया को नया एसपी रोहतक नियुक्त किया गया है। आदेश के अनुसार, सुरिंदर सिंह भोरिया एसपी/रोहतक का प्रभार संभालेंगे और नरेंद्र बिजारणिया का आगे के लिए आदेश अलग से जारी होगा। वहीं, हरियाणा कैबिनेट की बैठक स्थगित हो गई है। बता दें कि इससे पूर्व दिल्ली में कैबिनेट की बैठक रखने के बाद स्थगित करके चंडीगढ़ में तय किया गया था।

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किसी को नहीं बख्शेंगे
वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि दोषी कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति क्यों ना हो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सैनी ने वाई पूरण सिंह के निधन को बड़ी दुखद दुर्घटना बताते हुए कहा कि जैसे ही जापान में हमें ये सूचना मिली, हमने उनकी पत्नी को ढांढस बंधाया और अधिकारियों को उनके साथ घर भेजा। हमारी सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी। अगर किसी व्यक्ति को कोई तंग करेगा तो हम उसे बख्शेंगे नहीं। सैनी ने कहा कि विपक्ष को ऐसे मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। परिवार के साथ अन्याय हुआ है तो न्याय देने का काम हमारी सरकार करेगी।

पूरण कुमार के सुसाइड नोट में बिजाराणिया का नाम था। इससे पहले शुक्रवार को सीएम हाउस में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, गृह सचिव सुमिता मिश्रा और आईएएस राज शेखर वुंडरू की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच बैठक हुई थी। वहीं 31 सदस्यों की कमेटी ने कल दो बजे सेक्टर 20 गुरुद्वारा में महापंचायत का आह्वान किया है। प्रो. जय नारायण ने कहा कि सरकार द्वारा संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
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पहले एसपी रोहतक और डीजीपी हरियाणा शत्रुजीत कपूर का निलंबन और गिरफ्तारी के बाद ही पोस्टमार्टम के लिए परिवार सहमति देगा और अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसपी रोहतक को केवल हटाने से नहीं होगा उसे निलंबित करके गिरफ्तार किया जाए। हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन चीजों को उलझा रही है।
 
पंचकूला सेक्टर 02 के वाल्मिकी भवन गुरुद्वारा में में हम सभी वर्गों के लोगों और 36 बिरादरी को वहां 12 अक्तूबर इकठ्ठा होने की अपील करते हैं। वहां वाई पूरण कुमार के इंसाफ के लिए महापंचायत किया जाएगा। 31 सदस्यीय टीम और परिवार का फैसला आखिरी फैसला होगा। चंडीगढ़ सेक्टर 20 के वाल्मिकी गुरुद्वारा में में हम सभी वर्गों के लोगों और 36 बिरादरी को वहां इकठ्ठा होने की अपील करते हैं। 

एफआईआर में संशोधन पर अड़ा था परिवार
इससे पहले शुक्रवार को पूरण कुमार की पत्नी व परिजनों ने स्पष्ट कर दिया था कि पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार तभी होगा जब एफआईआर में संशोधन डीजीपी शत्रुजीत कपूर व रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजाराणिया का नाम स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए और दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पूरण कुमार के परिवार की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। अमनीत कुमार ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। शुक्रवार को पूरे दिन वाई पूरण के घर पर दलित समुदाय से जुड़े नेता, अधिकारियों व सामाजिक संगठन के लोगों को आना-जाना लगा रहा।

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अमनीत पी कुमार के समर्थन में उतरी आईएएस एसोसिएशन

हरियाणा आईएएस अधिकारी संघ ने वाई पूरण कुमार के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। इसके साथ ही उन्होंने अमनीत पी कुमार को समर्थन देते हुए चंडीगढ़ पुलिस और और हरियाणा सरकार से आग्रह किया है कि वे अमनीत कुमार की मांगों को पूरा करे और इस पूरे मामले की गंभीरता, संवेदनशीलता और परिस्थितियों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करे। एसोसिएशन ने कहा कि इस दुख की घड़ी में वे अमनीत के परिवार के साथ एकजुट होकर खड़े हैं। एसोसिएशन ने कहा कि रोहतक में जिस एफआईआर की वजह से यह घटना हुई है, उसकी भी निष्पक्ष, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए।

एसोसिएशन ने हरियाणा सरकार से अनुरोध किया है कि वह अमनीत पी. कुमार और उनके परिवार को इस गहन व्यक्तिगत क्षति और संकट की घड़ी में हर संभव सुरक्षा, कानूनी सहायता, संस्थागत समर्थन और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करे। बैठक के दौरान कुछ आईएएस ने डीजीपी के खिलाफ गुस्सा भी निकाला। उनका कहना था कि जब आईपीएस अफसर अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करते हैं। जब चाहे वे आईएएस अफसरों को उठा लेते हैं। इससे अधिकारियों में डर है और वे काम भी नहीं कर पा रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया, इनमें ज्यादातर वे लोग बोल रहे थे, जिनके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो में रहते हुए शत्रुजीत ने कार्रवाई की थी। कुछ ने यह भी कहा कि जिन कुर्सियों पर आईएएस को बैठना चाहिए, वहां भी आईपीएस अफसरों को बैठाया गया है। सरकार को इन्हें हटाना चाहिए।
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