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Chandigarh-Haryana News: फतेहाबाद में राजस्थान सीमा तक बनेगी ड्रेन, बरसाती पानी का सिंचाई में होगा उपयोग

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समीक्षा बैठक में सीएम ने ड्रेनों, नहरों, नालों की सफाई बरसात से पहले कराने के दिए निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी ड्रेनों, नहरों व नालों की सफाई का कार्य बरसात से पहले पूरा किया जाए। विशेषकर आबादी क्षेत्रों में ड्रेन एवं नहरों के साथ मजबूत बर्म बनाए जाएं और कार्य की नियमित रूप से निगरानी की जाए। शुक्रवार को सीएम सैनी सिंचाई, जनस्वास्थ्य व स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ ड्रेन, नहरों व नालों की सफाई की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहाबाद में राजस्थान सीमा तक बरसाती पानी की निकासी के लिए ड्रेन का प्रस्ताव बनाया जाए ताकि उस पानी का क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए उपयोग कर सकें। शहरी क्षेत्रों में आबादी बढ़ रही है। पानी का बहाव आबादी क्षेत्रों में अवरुद्ध हो रहा है। ऐसे क्षेत्रों के लिए नई जल निकासी परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसाती एवं जल निकासी संबंधित ड्रेन एवं नहरों की सफाई कार्य को तत्परता से पूरा करवाएं और इस कार्य में कोई लापरवाही न बरतें। जिन क्षेत्रों में तटबंध कमजोर हो और टूटने के कगार पर हो उन्हें समय से पूर्व निरीक्षण कर मजबूत बनाया जाए।
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नदी की सफाई के साथ तटबंधों पर विशेष ध्यान दें

मुख्यमंत्री ने कहा कि घग्गर, मारकंडा, टांगरी नदी की सफाई के साथ तटबंधों पर भी विशेष ध्यान दें। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में चीका के पास सरस्वती नदी के बहाव को सीधा किया जाए। बावल में इंडस्ट्री के पानी की निकासी के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग ने बताया कि अब तक 825 ड्रेन व नालों में से 713 पर कार्य कर लिया गया है। शेष पर आगामी जून माह तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। शॉर्ट टर्म बाढ़ बचाव 425 कार्यों में से 250 कार्यों के टेंडर फाइनल कर दिए गए हैं और शेष के माह के अंत तक पूरे कर लिए जाएंगे। इसके अलावा विभाग में जल निकासी के लिए 1678 क्यूसेक क्षमता के 839 डीजल पम्प, 4466 क्यूसिक क्षमता के 1389 इलेक्ट्रिक पंप व 3465 क्षमता के 495 मोबाइल पंजा तैयार हैं। इस प्रकार प्रदेश में 9609 क्यूसेक क्षमता के 2723 पंप तैयार कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 87 स्थानीय निकायों में 2655 किलोमीटर लम्बाई की 2382 ड्रेनों में से 1116 किलोमीटर लंबी ड्रेनों की सफाई की कार्य कर लिया गया है। शेष ड्रेनों का कार्य भी जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
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