12 साल बाद आए मुख्यधारा में
चंडीगढ़/नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रहे 81 वर्षीय प्रो. असीम कुमार घोष हरियाणा के नए राज्यपाल होंगे। वे प्रदेश के 19वें राज्यपाल के रूप में पदभार संभालेंगे और बंडारू दत्तात्रेय का स्थान लेंगे। सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चहेते रहे असीम घोष कोलकाता के मनिंद्र चंद कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर रहे हैं। वाजपेयी ने ही उनकी राजनीतिक समझ को देखते हुए उन्हें पश्चिम बंगाल में पार्टी की कमान सौंपी थी। हावड़ा के रहने वाले घोष ने पश्चिम बंगाल में संघ और भाजपा की जड़ें जमाने में अहम भूमिका निभाई है। अभी पश्चिम बंगाल में पार्टी के मार्गदर्शक मंडल में रहकर घोष भाजपा की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे थे।्र
प्रो. घोष ने पश्चिम बंगाल में उस समय भाजपा की कमाल संभाली थी, जब पार्टी बंगाल के अस्थिर राजनीतिक परिदृश्य में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही थी। 1996 में पार्टी ने उन्हें राज्य सचिव बनाया और तीन साल के भीतर वे पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बन गए। 2013 में भाजपा ने हावड़ा लोकसभा सीट से प्रो. घोष को उपचुनाव का उम्मीदवार बनाया, मगर आखिरी वक्त में उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। इसके बाद से पार्टी के आंतरिक समीकरण उनके पक्ष में नहीं बैठे और वे सक्रिय राजनीति से दूर होते चले गए। राजनीति के गलियारों से किनारा करते हुए वे हावड़ा में शैक्षणिक और शांत नागरिक जीवन में लौट आए। हालांकि मार्गदर्शक के तौर पर पार्टी के लिए काम करते रहे।
बंडारू दत्तात्रेय व श्रीधरन बंडारू को संगठन में मिलेगा मौका
सूत्रों का कहना है कि गोवा और हरियाणा के वर्तमान राज्यपालों पीए श्रीधरन और बंडारू दत्तात्रेय को भाजपा के केंद्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। दत्तात्रेय सात जुलाई 2021 से हरियाणा में राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उससे पहले वह हिमाचल के दो साल तक राज्यपाल रहे थे। भाजपा में लंबे समय से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नए चेहरे पर मंथन हो रहा है। अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद पार्टी के केंद्रीय संगठन में व्यापक फेरबदल किया जाना है।