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हरियाणा में नर्सिंग स्टाफ के 641 पद खाली: पदोन्नति भी लटकी, चीफ नर्सिंग अधिकारी के 33 पद पड़े खाली

Sat, 05 Jul 2025 04:51 PM IST
निवेदिता वर्मा आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

641 पद खाली होने से नर्सिंग अधिकारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। सीनियर नर्सिंग अधिकारी को ही चीफ व असिस्टेंट नर्सिंग पदों का काम संभालना पड़ रहा है। बताया जा रहा है ये पद काफी दिनों से खाली चल रहे हैं।
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नर्सिंग अधिकारियों के 641 पद खाली - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग अधिकारियों के 641 पद खाली पड़े हैं। इनमें नर्सिंग अधिकारी के 488 पद, सीनियर नर्सिंग अधिकारी के 97 पद, असिस्टेंट चीफ नर्सिंग अधिकारी के 23 पद और चीफ नर्सिंग अधिकारी 33 पद खाली हैं। 
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641 पद खाली होने से नर्सिंग अधिकारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। सीनियर नर्सिंग अधिकारी को ही चीफ व असिस्टेंट नर्सिंग पदों का काम संभालना पड़ रहा है। बताया जा रहा है ये पद काफी दिनों से खाली चल रहे हैं। पिछले साल भर्तियां हुई थी, मगर सारे पद भरे नहीं जा सके। कई पद पदोन्नति से भरे जाने हैं, मगर नर्सिंग अधिकारियों को समय पर पदोन्नति नहीं दी जा रही, जिससे ये पद खाली चल रहे हैं।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेजा है मांगपत्र

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 500 से ज्यादा से नर्सिंग पदों पर भर्ती के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को मांग पत्र भेजा जा चुका है। सीईटी की परीक्षा के बाद नर्सिंग के खाली पद भरे जा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि मरीज की देखभाल में नर्सिंग स्टाफ एक अहम कड़ी है। इमरजेंसी, वार्ड, ऑपरेशन और डे केयर सेंटर में इनकी अहम भूमिका होती है। हरियाणा में नर्सिंग के करीब 5600 पद हैं। इनमें से 641 पद कई महीनों से खाली हैं।
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नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं का काफी विस्तार हुआ है। अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड किया जा चुका है। मगर नर्सिंग स्टाफ के पद पिछले कई साल से बढ़ाए नहीं गए हैं। कई जगह एक नर्सिंग स्टाफ को पूरा वार्ड भी देखना पड़ता है। इमरजेंसी सेवाओं में एक नर्स एक साथ कई मरीजों को देखना पड़ता है। इससे कई बार गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. मनीष बंसल का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ की समय-समय पर भर्तियां होती रही हैं। जो पद खाली हैं, उनकी नियुक्ति प्रक्रिया की कार्यवाही चल रही है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को मांग पत्र भेजा जा चुका है।

खाली पदों का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर 

चीफ नर्सिंग अधिकारी का काम पूरे अस्पताल का मैनेजमेंट देखना होता है। नर्सिंग स्टाफ का सुपरविजन करना होता है। नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगानी होती है और जहां भी कमी होती है, वहां ड्यूटियां बढ़ाई जाती है। अब इनका काम सीनियर नर्सिंग अधिकारी को सौंप रखा है। राज्य में सीनियर नर्सिंग अधिकारी के 488 पद हैं, जिनमें से 100 पद पहले से खाली चल रहे हैं। ऐसे में इन पर काम का बोझ बढ़ा हुआ है। नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन की प्रधान विनीता कुमारी का कहना है कि ये पद काफी दिनों से खाली हैं। इस बारे में अतिरिक्त मुख्य सचिव व स्वास्थ्य महानिदेशक को कई बार अनुरोध किया गया है, मगर पद नहीं भरे जा रहे हैं। नर्सिंग अधिकारियों की पदोन्नति लटका कर रखी जाती है। जब रिटायरमेंट का समय करीब आता है, तब प्रमोशन किया जाता है।

इसलिए नहीं हो पाती सुनवाई

हरियाणा में डिप्टी डायरेक्टर नर्सिंग व असिस्टेंट डायरेक्टर नर्सिंग के पदों पर नर्सिंग कैडर के बजाय क्लेरिकल कैडर के सदस्यों की नियुक्ति की गई है। नर्सिंग एसोसिएशन का आरोप है कि जब तक इन पदों पर नर्सिंग कैडर का स्टाफ भर्ती नहीं किया जाएगा, तब तक सुनवाई नहीं हो सकती।
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