हरियाणा में यू-ट्यूब, स्नैपचैट, इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय 620 अकाउंट्स पुलिस के रडार पर हैं।
खुफिया विभाग ने हिंसा फैलाने, भड़काने या किसी भी तरह की सुरक्षा प्रभावित करने की आशंका वाले 220 और उपद्रव फैलाने की संभावना का कंटेंट अपलोड करने वाले 400 सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिह्नित कर लिया है। पुलिस इन अकाउंट्स पर नजर रख रही है।
प्रदेश में पाकिस्तानी जासूसों की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि देश या प्रदेश की गरिमा और सुरक्षा के प्रति गलत कंटेंट का इस्तेमाल करने वाले यू-ट्यूब चैनल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस को बंद कराया जाए। इसके लिए अधिकारियों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
10 वर्ष में 297 एफआईआर, 472 गिरफ्तार
पुलिस ने समाज में शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने, नफरत फैलाने वाले भाषणों और सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ 10 वर्षों में 297 एफआईआर दर्ज की हैं। इसी अवधि के दौरान 472 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है। 297 मुकदमों में से 87.87 फीसदी मामलों पर पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया और सुलझाया।
बदमाशी वाले गाने बैन किए, 502 हैंडल्स के यूआरएल इंटरनेट से हटाए
हरियाणा साइबर पुलिस बदमाशी वाले गानों के साथ गायकों के यू-ट्यूब चैनल तक बंद कराने में लगी है। अभी तक 20 से अधिक गाने बैन करने के साथ हरियाणवी गायक मासूम शर्मा सहित कुछ गायकों के यूट्यूब चैनल भी बंद कराए गए हैं। 10 वर्षों में पुलिस ने 502 सोशल मीडिया हैंडल्स के यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) को इंटरनेट से हटवाया है।
गैंगस्टरों की पोस्ट को लाइक व शेयर करने वालों पर नजर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे एक्स, इंस्टाग्राम, फेसबुक तथा यूट्यूब व अन्य पर गैंगस्टरों की पोस्ट को लाइक व शेयर करने वाले लोगों की गतिविधियों पर क्राइम ब्रांच की टीम नजर रखती है। गैंगस्टरों के नाम पर चलने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट लोगों विशेषकर युवाओं को गुमराह करती हैं, जिससे वे अपराध की ओर आकर्षित होते हैं। इस तरह के युवाओं की पुलिस पहचान कर उनकी काउंसलिंग भी कराती है।
24 घंटे निगरानी, सीआईडी नोडल एजेंसी
राज्य में अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) को सोशल मीडिया से आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के लिए नोडल एजेंसी का अधिकार दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गैर-जिम्मेदाराना संदेशों, वीडियो और अन्य सामग्री को प्रसारित होने से रोकें। साथ ही ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करें। वहीं, सीआईडी में अलग से सोशल मीडिया विंग में तैनात कर्मियों द्वारा 24 घंटे निगरानी रखी जाती है।