अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी आईटीआई में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को अब उद्योगों की जरूरत के मुताबिक आधुनिक तकनीकों को सीखने का माैका मिलेगा। राज्य सरकार प्रदेश के 60 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाने जा रही है। इसके लिए 12 क्लस्टर बनाए जाएंगे। इनमें करीब 2,892 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक में पीएम-सेतु योजना (अपग्रेडेड आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन) को मंजूरी दी गई। इस योजना के क्रियान्वयन और कुरुक्षेत्र क्लस्टर के लिए 320.44 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई।
इस योजना की शुरुआत कुरुक्षेत्र से होगी। कुरुक्षेत्र क्लस्टर में एक मुख्य संस्थान और छह अन्य आईटीआई शामिल होंगे। राजकीय आईटीआई कुरुक्षेत्र को मुख्य केंद्र बनाया गया है। इसके साथ महिला आईटीआई कुरुक्षेत्र, आईटीआई कैथल, आईटीआई पिहोवा, आईटीआई पाबनावा, महिला आईटीआई अंबाला शहर और महिला आईटीआई कैथल को जोड़ा गया है। इस परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मेसर्स जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड को दी गई है। कुल 320.44 करोड़ रुपये में केंद्र सरकार 160.22 करोड़ रुपये, हरियाणा सरकार 105.75 करोड़ रुपये और उद्योग भागीदार 54.47 करोड़ रुपये देंगे। परियोजना में 163.06 करोड़ रुपये मशीनरी, बुनियादी ढांचे और प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने पर खर्च होंगे। शेष 157.38 करोड़ रुपये प्रशिक्षण और संचालन संबंधी खर्चों के लिए निर्धारित हैं। संचालन का खर्च राज्य सरकार और उद्योग भागीदार मिलकर उठाएंगे।
हरियाणा में सात क्लस्टरों की पहचान
हरियाणा में अब तक सात क्लस्टरों की पहचान की गई है। कुरुक्षेत्र क्लस्टर की रणनीतिक निवेश योजना को राष्ट्रीय संचालन समिति मंजूरी दे चुकी है। पलवल, सोनीपत और छारा क्लस्टरों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है जबकि पानीपत और रेवाड़ी के लिए दिसंबर में प्रस्ताव जारी करने की योजना है। कलायत क्लस्टर की योजना जनवरी 2027 के बाद तैयार की जाएगी।