पहलगाम में हमले के बाद हरियाणा सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार शाम आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में कश्मीरी छात्रों को सुरक्षा और भरोसे का माहौल देने के निर्देश दिए। इस समय हरियाणा के विभिन्न कॉलेजों में 1157 कश्मीरी विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा- गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पाकिस्तानी नागरिकों ने 27 अप्रैल तक हरियाणा छोड़ने को कहा है। हालांकि, चिकित्सा वीजा धारकों के लिए यह सीमा 29 अप्रैल है। यह समय सीमा लंबी अवधि के वीजा, राजनयिक वीजा अथवा आधिकारिक वीजा रखने वाले पाकिस्तानी नागरिकों पर लागू नहीं होगी। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में करीब 450 पाकिस्तानी नागरिक हैं, जिनमें 85 फीसदी हिंदू फैमिली है। इनमें से डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों को नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत नागरिकता दी जा चुकी है। हालांकि केंद्र से मिली रिपोर्ट से मिलने के बाद आधिकारिक पाकिस्तान नागरिकों की संख्या का पता चल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासन को कश्मीरी छात्रों की समस्याओं और चिंताओं को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ जगहों से कश्मीरी छात्रों से मारपीट व उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई है। ऐसे में हरियाणा सरकार ने एहतियातन कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। बैठक से पहले उन्होंने हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई। ऐसे कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी शुक्रवार सुबह सभी उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की और सामाजिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका पर गश्त बढ़ाने, खुफिया तंत्र को दुरस्त करने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
शाह ने सैनी से कहा- पाकिस्तान नागरिकों की पहचान कर उनका निर्वासन सुनिश्चित करें
सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री ने हरियाणा समेत सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से फोन किया और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक समय सीमा से आगे भारत में न रहे। शाह ने सीएम से यह भी कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करें और उनका निर्वासन सुनिश्चित करें।
ये जारी किए दिशा-निर्देश
- विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा के साथ सहायता उपलब्ध करवाएं।
- प्रशासन कश्मीरी छात्रों वाले कॉलेज के प्रबंधन के साथ संपर्क बनाएं। छात्रों की सभी चिंताओं को दूर किया जाए।
- असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए।
- सौहार्द और सामाजिक एकता को भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
- अफवाहें फैलाने व गलत सूचना फैलाने पर सख्ती की जाए
- नियमित रूप से कानून और व्यवस्था का आकलन किया जाए
- किसी भी स्थिति का मुकाबला करने के लिए आकस्मिक योजना तैयार रखी जाए।
- सभी पुलिस प्रमुख अपने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करें और कड़ी नजर रखें
- सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर शांति समितियों को सक्रिय किया जाए
खुफिया विभाग को निर्देश, पाकिस्तानी नागरिकों की जानकारी जुटाएं
हरियाणा सरकार ने खुफिया विभाग को निर्देश दिया है कि वह हर जिले में पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उसकी रिपोर्ट मुख्यालय में मंगवाए, ताकि उन्हें तय समय के भीतर ही भेजा जा सके। आदेश मिलते ही खुफिया विभाग सक्रिय हो गया है। ग्राउंड पर ऐसे सभी नागरिकों की रिपोर्ट जुटाई जा रही है। 27 अप्रैल से पहले इस रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।