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36 साल चली 108 रुपये की लड़ाई: हरियाणा रोडवेज के कंडक्टर पर लगा था राजस्व नुकसान का आरोप, अब आया HC का फैसला

Wed, 10 Jun 2026 08:25 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा रोडवेज जींद के एक कंडक्टर राम कुमार पर 1989 में आरोप लगा था कि उन्होंने मछरौली से सिवाह तक कुछ अनधिकृत यात्रियों को बस में यात्रा कराई। इससे सरकार को 108 रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। 
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकारी खजाने को हुए महज 108 रुपये के नुकसान का मामला 36 वर्ष तक अदालतों में चलता रहा और आखिरकार पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले के साथ इसका पटाक्षेप हो गया।
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हाई कोर्ट ने हरियाणा रोडवेज के एक कंडक्टर की अपील खारिज करते हुए विभाग की ओर से दी गई सजा को वैध ठहराया है। मामला हरियाणा रोडवेज जींद के तत्कालीन कंडक्टर राम कुमार से जुड़ा है। 1989 में विभागीय जांच में आरोप लगा था कि उन्होंने मछरौली से सिवाह तक कुछ अनधिकृत यात्रियों को बस में यात्रा कराई। इससे सरकार को 108 रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।जांच में बस में बिना टिकट यात्रियों के यात्रा करने का मामला भी सामने आया। 

विभागीय जांच पूरी होने के बाद मार्च 1990 में राम कुमार की एक वार्षिक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव के साथ रोक दी गई। कंडक्टर ने इस कार्रवाई को चुनौती दी लेकिन उसे राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा। 
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करीब सात वर्ष बाद 1996 में जींद की ट्रायल कोर्ट ने कंडक्टर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभागीय दंड को रद्द कर दिया। राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी और 1999 में जिला न्यायाधीश ने ट्रायल कोर्ट का निर्णय पलटते हुए विभागीय कार्रवाई को सही ठहराया। इसके बाद हाई कोर्ट में केस चल रहा था। 
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अब जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि रिकॉर्ड और तथ्यों को देखते हुए विभागीय कार्रवाई को अवैध नहीं ठहराया जा सकता।  
 
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