अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को मिड डे मील (एमडीएम) खिलाने वाले तकरीबन 28,400 कुक आर्थिक तंगहाली से गुजर रहे हैं। इतना ही नहीं स्कूलों की रसोई में पक रहा राशन भी उधार पर आ रहा है। राज्य सरकार की ओर से दो माह अगस्त व सितंबर और केंद्र सरकार की ओर से पांच माह का मानदेय जारी नहीं हुआ है।
प्रदेश के 14,200 सरकारी स्कूलों में तकरीबन 28,400 कुक मिड डे मील में तैनात हैं। प्रति कुक 7,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है जिसमें एक हजार रुपये केंद्र और छह हजार रुपये राज्य सरकार की ओर से जारी होते हैं। बजट जारी न होने से राशन और गैस सिलेंडर का इंतजाम भी उधार पर करना पड़ रहा है।
अगस्त व सितंबर के ईंधन और राशन के लिए बजट नहीं मिलने से कई स्कूलों में रसोई लगभग ठप होने की कगार पर है।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य उप महासचिव कृष्ण नैन ने कहा कि दशहरा के बाद दिवाली भी निकल गई लेकिन सरकार ने एमडीएम में तैनात कुकों पर ध्यान नहीं दिया। मिड डे मील को लेकर सरकार का उपेक्षापूर्ण रवैया शर्मनाक है।