आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष बोले-फैसला हमारे लंबे संघर्ष की जीत है
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा आरोही एजुकेशनली बैकवर्ड ब्लॉक्स मॉडल स्कूल सोसाइटी के 250 से अधिक कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने सोसाइटी को निर्देश दिया कि वह सुनील कुमार और ज्योति रानी समेत सभी पात्र कर्मचारियों को उनकी पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने के बाद नियमित नियुक्ति प्रदान करे। मामला सुनील कुमार एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य और ज्योति रानी बनाम हरियाणा राज्य से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि सोसाइटी के सर्विस बाय-लॉज, 2011 के अनुच्छेद 9 (3) के अनुसार, पांच साल की संतोषजनक सेवा के बाद उन्हें नियमित नियुक्ति का अधिकार है। इसके बावजूद सोसाइटी द्वारा उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा था जबकि सोसाइटी की महासभा ने 21 जुलाई, 2023 को उनके नियमितीकरण का प्रस्ताव पारित किया था। आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि यह फैसला हमारे लंबे संघर्ष की जीत है। सुनील कुमार और ज्योति रानी के नेतृत्व में हमने यह लड़ाई लड़ीं। हमें उम्मीद है कि सरकार कोर्ट के आदेश का शीघ्र पालन करेगी। वित्त विभाग ने 7 जनवरी, 2013 को सोसाइटी के लिए 2232 पद सृजित किए थे। कर्मचारियों को 2012, 2013 और 2014 में विज्ञापन के माध्यम से चयनित किया गया था और अधिकांश ने पांच वर्ष से अधिक की सेवा पूरी कर ली है।
वित्तीय लाभ का पहलू -
कोर्ट ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि नियमितीकरण से सोसाइटी को वित्तीय लाभ होगा। वर्तमान में अनियमित कर्मचारियों पर वार्षिक व्यय 26.76 करोड़ रुपये है जबकि नियमितीकरण के बाद यह घटकर 25.71 करोड़ रुपये रह जाएगा। इस प्रकार सोसाइटी को प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ रुपये की बचत होगी।
कोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश
-सभी योग्य कर्मचारियों को उनकी पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने की तारीख से नियमित किया जाए
-बकाया वेतन का भुगतान 7 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ किया जाए
- पूरी प्रक्रिया छह सप्ताह के भीतर पूरी की जाए