- जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने वीरवार को बुलाई बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में जल संकट से पूरी तरह से राहत मिलेगी। पिछले करीब दो सप्ताह से प्रदेश भारी जल संकट से जूझ रहा था। पंजाब सरकार ने भाखड़ा नंगल डैम से हरियाणा के हक का पानी छोड़ दिया है। अब प्रदेश के 1693 जलघरों में अगले 48 से 72 घंटे में हालात सामान्य हो जाएंगे। वीरवार तक जलघरों में पानी पहुंचने लगेगा। दूसरी ओर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है।
जनस्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1613 और शहरी क्षेत्रों में करीब 80 जलघर हैं। अन्य जलघरों सहित प्रदेश में करीब 1712 जलघरों की संख्या है। प्रदेश के 13 जिलों में पेयजल आपूर्ति डब्ल्यूजेसी(वेस्टर्न यमुना कैनाल) और भाखड़ा पर निर्भर है। ऐसे में अगले दो-तीन दिनों के अंदर पूरी तरह से हालात सुधरेंगे। जिन जिलों में गांवों और शहरी क्षेत्र के जलघरों में कहीं एक दिन तो कहीं एक ही समय पानी की आपूर्ति हो रही थी, वहां भी सामान्य रूप से प्रतिदिन दोनों समय पानी की आपूर्ति होगी। दूसरी ओर, सिंचाई मंत्री श्रुति चाैधरी ने विभागीय अधिकारियों को फील्ड में रहने के आदेश दिए थे। यही कारण रहा कि सिंचाई विभाग व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आपस में तालमेल बनाकर फील्ड में रहे।
जल संकट से जूझते जिलों में जनता रही नाराज
जल संकट के हालात यह थे कि कई जिलों में नाराज लोग लगातार प्रदर्शन करके पेयजल आपूर्ति की मांग कर रहे थे। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की गई। जिन जिलों में अधिक संकट था, वहां नए नलकूप लगवाए गए, जिससे राहत मिल सके।
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13 जिलों में भाखड़ा और यमुना कैनाल पर आश्रित है पेयजल आपूर्ति
बीते करीब दो सप्ताह से भाखड़ा नंगल डैम से 8500 क्यूसेक के बजाय केवल 4000 क्यूसेक पानी मिल रहा था। पर्याप्त पानी न मिलने के कारण 13 जिले जल संकट की चपेट में थे। जनस्वास्थ्य विभाग के ब्योरे के अनुसार, प्रदेश में डब्ल्यूजेसी(वेस्टर्न यमुना कैनाल) से झज्जर, रोहतक, जींद का कुछ क्षेत्र, भिवानी, नारनाैल और रेवाड़ी में पेयजल आपूर्ति होती है। इसी तरह से भाखड़ा की बात करें तो कैथल, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद का कुछ क्षेत्र, भिवानी के कुछ क्षेत्र में भी पेयजल आपूर्ति पर निर्भर है।
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वर्जन
बीएमबी वीरवार को पेयजल आपूर्ति का लिखित में ब्योरा देगा। उसी ब्योरे के आधार पर पता चलेगा कि कितना नहरी पानी छोड़ा गया है। ब्योरा प्राप्त होते ही मैं वीरवार को ही विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करूंगा। अब जल संकट नहीं रहेगा।
रणबीर गंगवा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री हरियाणा