- इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल के सवाल पर सीएम सैनी ने सदन पटल पर रखा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वर्ष 2019 से 31 जुलाई 2025 तक प्रदेश में हत्या, दुष्कर्म, अपहरण, लूट और महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 1,03,018 मामले दर्ज हुए। इनमें से 92.91 फीसदी यानी 95,723 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। मानसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल के सवाल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन पटल पर जवाब रखा। सवाल था कि साल 2019 से 31 जुलाई 2025 तक आपराधिक मामलों की संख्या कितनी है और कितने मामलों में कार्रवाई की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 67 माह में हत्या के 6,031, दुष्कर्म के 9,676 और अपहरण के 22,374 मामले सामने आए हैं। इसी दौरान लूट के 3,912 और महिलाओं के खिलाफ अपराध के 51,282 मामले दर्ज हुए। वहीं, व्यापारियों और अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के खिलाफ अपराध भी बड़ी संख्या में हुआ है।
साल 2021 में सबसे ज्यादा वारदातें
साल 2021 अपराध की दृष्टि से सबसे गंभीर रहा। इस दौरान कुल 17,397 मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद 2022 और 2023 में भी मामले 17 हजार से अधिक रहे। 2024 में इनमें गिरावट दर्ज की गई और अब 2025 में जुलाई तक 7,307 मामले सामने आ चुके हैं। प्रदेश सरकार का कहना है कि अपराधों पर नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अब तक 1,03,858 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
ठगी के मामलों में 50 फीसदी कमी, साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी में पांच फीसदी वृद्धि
सरकार ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि जुलाई 2025 तक ठगी के मामलों में 50 फीसदी कमी आई है। साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी में पांच फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम-112 प्रणाली लागू है। इससे पुलिस, एंबुलेंस, महिला हेल्पलाइन और अन्य आपात सेवाओं को जोड़ा गया है। प्रदेश में 630 आपातकालीन वाहन तैनात हैं जिनका औसत रिस्पांस टाइम 8 मिनट है। स्पेशल टास्क फोर्स ने 2019 से अब तक 2,482 कुख्यात अपराधियों को पकड़ने के साथ 405 गिरोहों का भंडाफोड़ किया है।