हरियाणा में अधिकारी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। विजिलेंस के आंकड़े इस बात के गवाह है।
इस साल 16 दिसंबर तक विजिलेंस में पूरी हुई जांचों के आधार पर 26 राजपत्रित, 22 कर्मचारियों और 28 अन्य के खिलाफ 24 आपराधिक मामले दर्ज किए गए।
जबकि 57 जांचों में दोषी कर्मचारियों के खिलाफ नियमित विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की गई।
इसी अवधि में राज्य चौकसी ब्यूरो में कुल 107 नई जांचे दर्ज की गई।
इन जांचों में दो आईएएस, एक आईपीएस, छह एचसीएस, एक अधीक्षक अभियंता, आठ कार्यकारी अभियंता, तीन तहसीलदार, पांच उप मंडल अधिकारी, 78 अन्य विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शामिल हैं। जिनकी जांच की जा रही है। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार, गबन तथा आय से अधिक संपत्ति बनाने के आरोप हैं।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि इस अवधि के दौरान 157 आपराधिक मुकदमें (133 रेड सहित) विभिन्न अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किए गए।
इसके अलावा राज्य चौकसी ब्यूरो द्वारा 133 छापे मारकर 23 राजपत्रित, 160 अराजपत्रित कर्मचारियों और 10 अन्य को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
इनके खिलाफ धारा पीसी एक्ट के तहत इस ब्यूरो के थानों में मुकदमें दर्ज किए गए हैं।