कुश्ती दंगल में विजेता पहलवान को सम्मानित करते कृषिमंत्री जेपी दलाल।
बहल। गोगानवमी पर ग्राम पंचायत की ओर से आयोजित कुश्ती दंगल में पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। दंगल में 21000 रुपये की पहली इनामी कुश्ती चैहड़ कलां के पहलवान प्रतीक ने मांडोठी के पहलवान नवीन को हराकर जीती। वहीं, 11000 रुपये की दूसरी कुश्ती हैप्पी गोधड़ी ने विक्रम को हराकर अपने नाम की।
इसके अलावा 5100 रुपये की कुश्ती के लिए रेलवे के पहलवान श्रीकांत व केशव एकडेमी मंढाणा के पहलवान हिमांशु के बीच जोरदार आजमाइश हुई। दोनों पहलवानों के बीच कोई फैसला नहीं हुआ तो यह कुश्ती बराबरी पर छोड़ी गई। महिला पहलवानों में कल्पना लोहानी और प्रीति लेंघा के बीच हुई। इनके बीच भी कुश्ती बराबरी पर छुटी और दोनों पहलवानों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। प्रतियोगिता मेंं अन्य पहलवानों के बीच 500 और 100 रुपये की कुश्ती करवाई गई। इनमें विजेता रहे पहलवानों को पंचायत द्वारा इनाम दिया गया।
कुश्ती दंगल में प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल मुख्यातिथि रहे। इनका ग्राम पंचायत के सरपंच साधूराम पनिहार व गोगा कमेटी के प्रधान डॉ. दयानंद जावला द्वारा स्वागत किया। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा है कि खेलों से प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। कुश्ती हरियाणा प्रदेश का पारंपरिक खेल है जिसमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने प्रदेश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है। प्रदेश की बेहतर खेल नीति की बदौलत आज खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित है। इस अवसर पर सरपंच साधूराम पनिहार, पूर्व सरपंच गजानंद अग्रवाल, चेयरमैन विजय फोगाट, पूर्व चेयरमैन सुशील केडिया, डॉ. विजेन्द्र कस्वा सुरपुरा, सुनील सिरसी, अजय बिधनोई, नसीब पातवान, हजारी गोस्वामी, संजय लालावासिया, संदीप लाखलाण, डॉ. दयानंद जावला, रितेश बहल सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
गोगा मेले में पहुंचे कृषि मंत्री, पूजा अर्चना कर सुख शांति की मन्नत मांगी
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बहल में स्थित गोगा मंदिर व गुरु गोरखनाथ मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की व क्षेत्र में खुशहाली, तरक्की व लोगों के लिए सुख शांति की मन्नत मांगी। उन्होंने कहा कि त्योहार हमारी प्राचीन विरासत हैं। भारत देश की संस्कृति सबसे समृद्घ है। हमारी सभ्यता व संस्कृति महान है। विदेशी हमारे पहनावे व खानपान का अपना रहे हैं जिसका उदाहरण दिल्ली में जी 20 में देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का विरोध करने वाले लोग भारत देश की समृद्धि एवं विकास में सहायक नहीं हो सकते हैं।