बहल। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल परिवारों को दिए जा रहे राशन में नूनसर गांव में खराब गेहूं वितरित किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जून माह के लिए राशन में जो गेहूं गरीब परिवारों को दिया जा रहा है उसमें सड़ने के कारण कीड़े चल रहे हैं और वो गेहूं खाने लायक नहीं है। लोगों ने सरकार व प्रशासन से खराब गेहूं की जगह सही राशन दिए जाने की मांग की है। वहीं राशन डिपो पर सड़ने और कीड़े चल रहे गेहूं को लेने से भी साफ इंकार कर दिया है।
खंड के विभिन्न सरकारी राशन डिपो के माध्यम से बीपीएल परिवारों को जून माह का राशन वितरित किया जा रहा है। नूनसर गांव में बिधनोई गांव के डिपो होल्डर द्वारा राशन वितरित किया जा रहा है। रविवार को जब गरीब परिवार के लोग राशन लेने डिपो पर पहुंचे तो उनको सड़ा हुआ खराब गेहूं थमा दिया गया। लोगों ने देखा कि जो गेहूं उनको दिया गया है उसमें कीड़े चल रहे थे और बेहद खराब गुणवत्ता का था। इस पर लोगों ने वितरित करने आए राजेश कुमार से खराब गेहूं लेने से इंकार कर दिया। वहीं राशन पर भेजे गए खराब गेहूं से भी प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया।
बीपीएल परिवारों के बिमला, ओमप्रकाश, नीलम, अनिता, पूनम, प्रहलाद, मायावती, संतोष, रामसिंह, राजकपूर, प्रवीण सहित अन्य लोगों ने बताया कि खाद्य विभाग द्वारा जो गेहूं वितरित किया गया है, वो पानी से भीगा होने के कारण खराब हो चुका है। यह गेहूं पशुओं के भी खाने लायक नहीं हैं। गेहूं में कीड़े चल रहे थे व गेहूं का रंग पूरी तरह से काला हो चुका था। उन्होंने कहा कि खराब होने के कारण गेहूं में बदबू आ रही थी। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की कि मामले में उचित कार्रवाई की जानी चाहिए व उनको खराब गेहूं की जगह सही गेहूं दिया जाए। वहीं सरकारी खरीद के दौरान खराब गेहूं गोदामों तक पहुंचाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की है।
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नूनसर गांव में खराब गेहूं वितरित किए जाने की शिकायत सरपंच के माध्यम से मिली है। इस बारे में डिपो होल्डर से बात कर खराब गेहूं के वितरण को रुकवा दिया है। डिपो होल्डर से कहा गया है कि वो इसकी जगह सही गेहूं का वितरण करें।
-सज्जन कुमार, खाद्य आपूर्ति निरीक्षक, बहल।