भिवानी। गर्मी और मानसून के मौसम में सबसे अधिक आफत कुत्ते व बंदर बन रहे है। इनके काटने से हर माह 300 से अधिक मरीज जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रेबिज का इंजेक्शन लगवाने के लिए आ रहे हैं। इसके लिए विभाग ने ओपीडी में कमरा नंबर 22 को इंजेक्शन कक्ष बनाया हुआ है। वहीं जिला नागरिक अस्पताल के अलावा कई मरीज निजी अस्पतालों व क्लीनिक में इंजेक्शन लगवाने पहुंचे रहे है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुत्ता, बिल्ली, चूहा, ऊंट, भैंस, गाय, घोड़ा, गधा, बंदर के अलावा मनुष्य के काटने पर रेबीज का टीका लगाया जाता है। इन जानवरों के काटने पर व्यक्ति को 14 इंजेक्शन लगाए जाते थे। ये इंजेक्शन पेट में लगाए जाते थे। अब केवल पांच टीके बाजू में लगाए जाते हैं। दोनों बाजू पर 1-1 एमएल दवा का टीका लगाया जाएगा। जानवर के काटने पर पहले टीके के बाद तीसरे दिन, सातवें दिन, 14वें दिन, 28वें दिन दोनों बाजू पर टीका लगाया जाएगा। नागरिक अस्पताल में बीपीएल, आयुष्मान कार्ड धारकों को यह इंजेक्शन निशुल्क लगाए जाते हैं। बाकी लोगों को हर बार टीका लगवाने के लिए 100 रुपये अदा करने पड़ते हैं।
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रेबीज एक खतरनाक बीमारी है। ऐसे में अगर किसी को कुत्ता, बंदर या अन्य कोई जानवर काट ले तो उससे बचाव के लिए रेबीज का इंजेक्शन अवश्य लगवा लें। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में इसके लिए अलग से इंजेक्शन कक्ष बनाया हुआ है।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।