हालुवास गेट क्षेत्र में ठप सीवर की सफाई के लिए लगाई सुपर सकर मशीन। संवाद
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भिवानी। शहर के नेशनल हाईवे सरकुलर रोड के बीचोंबीच हालुवास गेट के सीवर मैनहोल की रुकावट जांचने के लिए 22 फुट गहरी लाइन में कंपनी के कर्मचारी को उतारा गया। सोमवार को कर्मचारी दिनभर एक-एक घंटे तक सीवर में रहे और हर घंटे में 15 मिनट का ब्रेक भी दिया गया। मुख्य सीवर लाइन की रुकावट की प्रारंभिक वजह भी कंपनी के कर्मचारियों को मिली है। कर्मचारियों ने गहरी सीवरलाइन में टूटे हुए ढक्कन का मलबा, सड़क निर्माण के पत्थर और गोबर के अलावा प्लास्टिक कचरे की रुकावट नजर आई।
इसे तीन सुपर सकर मशीनों के जरिये दूर करने की कोशिश भी की, मगर दूर नहीं हुई। इसके बाद सीवर मैनहोल से तीन टैंकर कचरा बाहर निकाला गया। सोमवार को दिल्ली से आए कंपनी के कर्मचारियों ने हालुवास गेट मुख्य सीवर लाइन की रुकावट को दूर करने के लिए महताब ढाणी चौक पर नए सीवर मैनहोल की भी जांच शुरू की। जहां से रुकावट वाली 36 इंची मुख्य सीवर लाइन में फंसा कचरा इस मैनहोल तक लाने का प्रयास किया। इसके बाद उसे यहां से बाहर निकाला जा सके। करीब एक साल से हालुवास गेट पर मुख्य सीवर लाइन की रुकावट बनी है। इसको लेकर जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवर मैनहोल पर ही अस्थायी मोटरें लगाकर पाइपों से गंदे पानी की निकासी डिस्पोजल तक कराई जा रही है। वहीं महताब ढाणी चौक के समीप नए सीवर मैनहोल में भी पाइप लगाकर उसे खाली कराने का काम शुरू किया गया है। मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि एक-एक घंटे के लिए कर्मचारी सुरक्षा उपकरणों के साथ गहरे सीवर में उतारा जा रहा है, जिसके बाद 15 मिनट का आराम दिया जा रहा है। अभी तक 22 फुट गहरी मुख्य सीवर लाइन के 36 इंची पाइपलाइन में रुकावट बनी है।
इसमें टूटे हुए सीवरमैन होल के ढक्कन, सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पत्थर और काफी मात्रा में गोबर और पॉलिथीन कचरा फंसा है। ये रुकावट काफी ठोस हो चुकी है। इसकी वजह से मैन डिस्पोजल तक मुख्य लाइन का गंदा पानी में रुकावट बनी है। इसे खोलने के लिए उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी यह भी सुनिश्चित नहीं है कि इसकी वजह से कहीं मुख्य लाइन डैमेज तो नहीं हो गई है। क्योंकि आसपास की सड़क भी कई बार धंस चुकी है। मुख्य लाइन में मिले मलवे और कचरे की सफाई के बाद ही लाइन डैमेज की जांच भी कराई जाएगी।
हालुवास गेट मुख्य सीवर लाइन के मैनहोल में टूटे हुए ढक्कन के अवशेष, पत्थर और काफी मात्रा में पॉलिथीन व गोबर का कचरा निकाला गया है। करीब तीन टैंकर कचरा निकाला जा चुका है। अभी लाइन पर गहरी सीवर लाइन में कर्मचारी काम पर लगे हैं। 36 इंची पाइप में भी कचरे की वजह से रुकावट बनी है, जिसे दूर करने की कोशिश चल रह है।
-शिव हरी, सुपरवाइजर कांट्रेक्टर कंपनी दिल्ली।