भिवानी। शहर को बारिश के पानी से निजात दिलाने और लोगों को पेयजल एवं सीवरेज की मूलभूत सुविधा देने के लिए पांच साल पहले शुरू हुआ अमृत प्रथम चरण (अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन) योजना का काम आखिरकार अब पूरा हो गया है। इस कार्य में शुरुआत में 62 करोड़ और फिर 76 करोड़ तो अंतिम दौर में 92.16 करोड़ की लागत से काम पूरा किया गया है।
नगर परिषद की ओर से कराए गए प्रथम चरण के काम को पूरा करने के लिए अब मार्च तक की मोहलत दी गई थी। इस कार्य में दो बार एजेंसी को एक्सटेंशन भी दी गई। हालांकि ये कार्य पहले पूरा हो जाता तो दूसरे चरण का काम शुरू कराना आसान हो जाता, मगर अब आचार संहिता के बाद ही अमृत द्वितीय चरण पर काम होने की उम्मीद है।
नगर परिषद भिवानी की ओर से 12 दिसंबर 2018 को अमृत प्रथम चरण में काम एजेंसी को अलॉट हुआ था। इसके तहत शहर के अंदर बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था किए जाना शामिल किया वहीं कॉलोनियों के अंदर सीवर और पानी की नई लाइन भी डाली गई। इस कार्य के शुरुआत में काफी दिक्कतें आई और फिर कोरोना संक्रमण में भी काम बंद हो गया। अमृत प्रोजेक्ट में दो बार नए कार्यों को भी शामिल करते हुए इसका बजट बढ़ा दिया। जिस वजह से इन कार्यों के कारण प्रोजेक्ट को एक्सटेंशन मिलती रही।
शहर में 27 किमी सीवर और 46 किमी नई पानी की लाइनें डाली
अमृत प्रथम चरण में शहर भर में करीब 27 किलोमीटर दायरे में नई सीवरेज लाइनें डाली गईं जबकि 46 किलोमीटर दायरे में शहरी वार्डों में पेयजल लाइनों का जाल बिछाया गया है। इसके बाद शहर की कई कॉलोनियों को गंदे पानी की निकासी के साथ पेयजल जरूरतों को पूरा करने की मूलभूत सुविधाएं भी यहां की आबादी को मिली हैं।
दो नए पानी के टैंक, दो बरसाती पानी और दो गंदे पानी की निकासी के आईपीएस भी बने
अमृत प्रथम चरण में शहर के अंदर पुराने जलघर में दो नए पानी के टैंकों का निर्माण कराने के अलावा दो बरसाती पानी की निकासी और दो सीवरेज के गंदे पानी की निकासी के लिए आईपीएस (इंटरमीडिएट पंपिंग सिस्टम) का निर्माण भी कराया गया। इसमें एक आईपीएस ढाणा रोड और एक आईपीएस बैंक कॉलोनी संजय मेमोरियल कॉलेज रोड निनान जलघर के समीप बनाया गया है। इसकी क्षमता आठ एमएलडी से अधिक है। इसी तरह बरसाती पानी की निकासी के लिए महम रोड जलघर परिसर में 139 एमएलडी क्षमता का स्टोन वाटर आईपीएस निर्माण हुआ। वहीं वैश्य कॉलेज के पास 68 एमएलडी क्षमता का आईपीएस तैयार किया है।
अमृत द्वितीय चरण में ये होंगे काम
अमृत द्वितीय चरण में शहर के अंदर 42 साल से अधिक पुरानी पेयजल लाइनों को बदली किए जाने के साथ चार दशक पुरानी सीवरेज लाइनों को दुरुस्त किए जाने का काम भी शामिल किया गया है। इसके अलावा शहर में नए पानी के बूस्टर व बरसाती पानी निकासी के लिए भी आईपीएस निर्माण का काम शामिल है। द्वितीय चरण के कार्यों का सर्वेक्षण भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करा चुका है, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। द्वितीय चरण का काम जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाना है। प्रथम चरण का काम पूरा होने की रिपोर्ट मुख्यालय जाने के बाद ही दूसरे चरण के कार्यों के संबंध में अब प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
नगर परिषद के तहत अमृत प्रथम चरण का काम करीब पूरा हो चुका है। इस कार्य का अंतिम मुआयना भी होगा। जिन कार्यों में पहले निरीक्षण के दौरान जो खामियां मिली थीं, उन्हें भी दूर कराया गया है। मार्च तक इस कार्य को पूरा किए जाने की मियाद भी तय हुई थी। निर्धारित अवधि में ये काम अब पूरे हो गए हैं।
-जसवंत सिंह, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद भिवानी।