तोशाम (भिवानी)। राजस्थान की पहली महिला बॉडी बिल्डर व अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट प्रिया सिंह मेघवाल ने कहा कि महिलाएं आज भी क्षेत्र में पुरुष से कम नहीं हैं। महिलाओं को भी चूल्हे-चौके से बाहर निकलकर आत्मनिर्भर बनते हुए अपना स्वर्णिम भविष्य स्वयं बनाने पर जोर देना चाहिए, जिससे न केवल वे अपने परिवार, बल्कि देश के उत्थान में भी सकारात्मक भूमिका अदा कर पाएंगी। इससे पहले, सैकड़ों बाइक एवं खुली जीप के काफिले के साथ प्रिया मेघवाल का यहां गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
तोशाम स्थित नया बस स्टैंड के सामने स्थित वाल्मीकि धर्मशाला में आयोजित सम्मान समारोह में प्रिया मेघवाल ने बाबा साहेब आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पार्षद मोनू पार्षद देवसर ने की। मंच का संचालन मास्टर संजय सिंह वाल्मीकि ने किया। इससे पहले, तोशाम बाईपास से पूर्व पार्षद भोलू उर्फ भूपेंद्र, हरदीप मास्टर टाला, रामनिवास, भूप सिंह गुर्जर की अगुवाई में सैकड़ों बाइक एवं खुली जीप के काफिले के साथ प्रिया मेघवाल का स्वागत किया। गया इस दौरान उन्होंने नशा, भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा सहित अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक भी किया।
प्रिया सिंह मेघवाल ने कहा कि बॉडी बिल्डिंग की शुरुआत जब की थी, तो लोग कहते थे कि यह महिलाओं के लिए नहीं होता। यह तो केवल पुरुषों का काम होता है। उन्होंने अपनी मेहनत व लगन के बल पर सफलता हासिल की। मनोबल गिराकर पीछे धकेलने वाले लोग आज उनका उदाहरण देते हैं।
इस मौके पर आरपीआई के जिलाध्यक्ष सज्जन कुमार कलिया, संदीप कुमार, पूर्व चेयरमैन युद्धवीर सिंह खरखड़ी, राजपाल सरपंच झांवरी, बलजीत सिंह सरपंच सागवन, राजबीर सरपंच निगांना, पूर्व सरपंच बजीना, डॉ. नरेश जांगड़ा, पूर्व पार्षद भोलू उर्फ भूपेंद्र, अधिवक्ता राजेश जांगड़ा, अनिल झांवरी, मां संजय कुमार तोशाम, डॉ. नरेश जांगड़ा, आनंद सिंह निगांना, स्कूल बुसान, राजा ढाणीमाहु, दलबीर रेढू सरल, सुरेश मटरू, महेंद्र पहिवाल, कृष्ण मोहल, सम्मी बागड़ी, कलावती, गोमती देवी आदि मौजूद रहे।