बवानीखेड़ा। जिला भिवानी में रविवार को होने वाले पंचायत उप चुनाव में गांव सिकंदरपुर में सरपंच पद के लिए चार उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर बनी है। इसके अलावा आठ गांवों में पंच के लिए चुनाव होगा। वहीं एक गांव में पंच पद के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है।
मतदान सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक होगा। इसके बाद मौके पर ही चुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे। सरपंच के लिए जहां ईवीएम से मतदान होगा। वहीं पंचों के लिए मतदान बैलेट पेपर से होगा।
उल्लेखनीय है कि भिवानी जिले में रविवार को पंचायत का उप चुनाव में मतदान होगा। गांव सिकंदरपुर में सरपंच पद और जिले के आठ गांव में एक-एक पंच पद के लिए चुनाव होगा। इसमें प्रत्येक पंच के लिए दो-दो उम्मीदवार एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े हैं। गांव सिकंदरपुर में सरपंच पद चुनाव में नरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र रानोलिया और रामफल चुनावी मैदान डटे हैं।
गांव सिकंदरपुर में इस बार सरपंच का पद पिछड़ा वर्ग ए के लिए आरक्षित है। गांव सिकंदरपुर के सरपंच सत्यनारायण जांगड़ा का शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले अचानक हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। तब से यह पद रिक्त था और गांव में विकास कार्य के लिए प्रशासक रूप के रूप में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यरत थे। अब सरपंची के चुनाव में चार उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
सरपंची के उम्मीदवार नरेश ने पिछला चुनाव भूतपूर्व सरपंच सतनारायण के विरुद्ध लड़ा था। इसमें वह निकटतम प्रतिद्वंदी रहे थे और उपविजेता रहे थे। सरपंच उम्मीदवार राजेंद्र ने भी पूर्व में सरपंच का चुनाव लड़ा था। हालांकि उसे ज्यादा मत नहीं मिल पाए थे और वह चुनावी मुकाबले में भी नहीं थे। वहीं नरेश और राजेंद्र आपस में एक ही परिवार के हैं। सरपंच के रूप में किस्मत आजमा रहे सुरेंद्र ने पहली बार सरपंच पद की दावेदारी ठोकी है।
भूतपूर्व सरपंच के भाई सत्यनारायण जांगड़ा के छोटे भाई रामफल जांगड़ा भी चुनावी मैदान में है। हालांकि सरपंच की मौत के बाद गांव में चर्चा थी कि उपचुनाव में दिवंगत सत्यनारायण के परिवार से ही किसी व्यक्ति पर सरपंच पद के लिए सर्वसहमति बनाई जाएगी। परंतु कुछ लोगों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते बात सिरे नहीं चढ़ पाई। पिछली बार चुनावी मुकाबले में रहने वाले नरेश इस बार भी चुनावी मैदान में मुकाबले में हैं। संवाद
20 साल बाद गांव में बीसी वर्ग ए के हिस्से आई सीट
गांव सिकंदरपुर में करीब 20 वर्ष बाद बीसी वर्ग ए से सरपंच बन रहा है। इससे पूर्व 20 वर्ष पहले डॉ. दल्ले सिंह वर्मा बीसी वर्ग ए से यहां से सरपंच बने थे। गांव सिकंदरपुर में नौ वार्ड है। इसमें कुल 1786 मतदाता हैं, जिनमें 959 पुरुष मतदाता वह 827 महिला मतदाता हैं। वार्ड एक में 192, वार्ड दो में 204, वार्ड तीन में 178, वार्ड चार में 221, वार्ड पांच में 179, वार्ड छह में 218 , वार्ड सात में 148 , वार्ड आठ में 212, वार्ड नौ में 234 मतदाता हैं। वार्ड नौ में जहां सबसे अधिक 234 मतदाता हैं, वहीं वार्ड सात में सबसे कम 148 मतदाता हैं।
पंच पद के लिए आमने-सामने की टक्कर
बड़सी जाटान में वार्ड 11 में पंच पद के लिए विजय और विकास, गांव कोट में वार्ड एक के लिए विजेंद्र और विक्रम, गांव खरक कला राजानपाना में वार्ड छह में पंच पद के लिए रजनी और सोनी देवी, गांव बुढेड़ा के वार्ड नंबर नौ में पंच के लिए संदीप और मनोज कुमार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं गांव मंढोली खुर्द के वार्ड सात के पंच पद के लिए बलवान और शमशेर, गांव मोतीपुरा के वार्ड एक के लिए सोमबीर और नरेंद्र, गांव भारीवास वार्ड नंबर एक में पंच के लिए नरेंद्र और राजकुमार गांव चनाणा में वार्ड एक के पंच पद के लिए मंजू और बिरखा चुनावी मैदान में हैं। वहीं गांव सुखपुरा ने बीसी वर्ग ए के लिए आरक्षित वार्ड से एक भी आवेदन नहीं आने से वह वार्ड पंच के लिए रिक्त रह गया है। रविवार को होने वाले मतदान का समय सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक का है। मतदान संपन्न होते ही मतों की गणना की जाएगी।
जिले में सरपंच व पंच पद के उपचुनाव रविवार को होगा। गांव सिकंदरपुर में सरपंच के लिए व जिले के अन्य आठ गांव में पंच पद के लिए उपचुनाव है। मतदान का समय सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक है। मतदान के बाद मौके पर ही चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव को लेकर सभी बूथों की पोलिंग पार्टियों को रवाना कर दिया गया है। चुनाव की व्यापक तैयारियां पूरी हो चुकी है।
- रविंद्र दलाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, भिवानी।