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Bhiwani News: आखिर कब मिलेगा बवानीखेड़ा तहसील को उपमंडल का दर्जा

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बवानीखेड़ा तहसील। संवाद - फोटो : Bhiwani
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बवानीखेड़ा। सीएम घोषणा के करीब साढ़े तीन माह बाद भी अब तक बवानीखेड़ा तहसील को उपमंडल का दर्जा नहीं मिल पाया है। लोगों को आज भी तहसील में एसडीएम बैठने का इंतजार है। कस्बा व आसपास के हजारों लोगों के सामने आज भी यक्ष प्रश्न खड़ा कि आखिर बवानीखेड़ा तहसील को उपमंडल का दर्जा कब मिलेगा। लोगों को उपमंडल स्तर के कार्यों का निपटान करने के लिए 35 से 40 किलोमीटर लंबा सफर तय करके भिवानी जाना पड़ रहा है।
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सरकारी कामकाज व प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतों को लेकर जाने वाले लोग भी भिवानी तक दौड़ लगा रहे हैं। अगर उपमंडल में एसडीएम बैठता तो लोगों को भिवानी नहीं जाना पड़ता बल्कि उपमंडल स्तर पर ही उनकी शिकायतों का निदान संभव हो पाता। उपमंडल बनने के बाद कस्बे का विकास भी हो पाता।
22 दिसंबर को बनी थी बवानीखेड़ा तहसील
50 वर्ष पहले 22 दिसंबर 1972 को बवानीखेड़ा कस्बे में तहसील बनी थी। इससे पहले बवानीखेड़ा हिसार जिले का अंग होता था और हांसी तहसील के अंतर्गत आता था। उस समय तहसील बवानीखेड़ा में करीब 55 गांव होते थे। जिले की अस्तित्व के साथ बवानीखेड़ा तहसील अस्तित्व में आई थी। ये तहसील जिले की पुरानी तहसीलों में शुमार थी। बाद में तोशाम व सिवानी तहसील बनने से इस तहसील में गांव की संख्या घट गई।
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सीएम ने 6 सितंबर को की थी घोषणा
6 सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिले के बवानीखेड़ा तहसील को उपमंडल का दर्जा बनाने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद लोगों में काफी खुशी थी। करीब साढ़े तीन माह का समय बीतने के बाद भी आज तक इस बारे तहसील में कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है।
उपमंडल बनने से होगा यह फायदा
उपमंडल बनने से बवानीखेड़ा खंड के 33 गांवों के लोगों को फायदा होगा। अब लोगों को अपने उपमंडल स्तर के कार्यों का निपटान करने के लिए भिवानी जाना पड़ता है। इसमें वाहनों का रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग, कंडक्टर लाइसेंस बनवाना, एसडीएम कोर्ट की अपील के लिए फिलहाल लोगों को भिवानी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एसडीएम के यहां बैठने से लोगों के कार्य का निपटान यहीं से हो जाएगा। उपमंडल बनते ही यहां पुलिस महकमे में भी डीएसपी स्तर के अधिकारी बैठे लगेंगे , वहीं सिविल कोर्ट में भी केसों की संख्या की अधिकता होने से यहां पर सीजीएम कोर्ट भी बनेगी। इससे लोगों को कोर्ट कचहरी के लिए भी भिवानी नहीं जाना होगा।
ये बोले लोग
उपमंडल बनने के बाद लोगों को ड्राइविंग, कंडेक्टर लाइसेंस व वाहनों की आरसी बनवाने के लिए भिवानी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे उन का समय और पैसा दोनों की बर्बादी बचेगी।
- संजय डुमरा, कस्बावासी
बवानीखेड़ा उपमंडल बनता है तो यहां पर सीजीएम कोर्ट भी बनेगी। इससे लोगों के अधिकतर सिविल केसों का निपटान हो जाएगा।
- एडवोकेट मोहित चोपड़ा, बलियाली।
उपमंडल बनते ही बवानीखेड़ा कस्बे में आसपास के लोगों का आवागमन बढ़ेगा और जिससे कस्बे के सुस्त पड़े बाजार में भी चहलकदमी बढ़ेगी। लोगों के लिए रोजगार की संभावना भी बढ़ेगी।
- मनोज रोहिल्ला, बवानीखेड़ा।
उपमंडल बनते ही यहां प्रशासनिक अधिकारी बैठने लगेंगे। इससे आमजन अपनी समस्या की फरियाद आसानी से पहुंचा सकता है। लोगों की समस्या का समाधान जल्द होगा।
- शंकर रोहिल्ला, ढाणी सांवरमल।
बवानीखेड़ा तहसील को उपमंडल का दर्जा दिए जाने बारे प्रक्रिया जारी है। राजस्व विभाग ने भिवानी के उपायुक्त से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी मांगी हुई है। जल्द ही औपचारिकता पूरी होने के बाद नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है। 26 दिसंबर से शुरू होने वाली तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र की हाउस मीटिंग में भी मैं मुख्यमंत्री के संज्ञान में उक्त जानकारी डाल दूंगा।
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- बिशंबर वाल्मीकि, विधायक, बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र।
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