भिवानी। रातभर रुक-रुक कर हुई चार एमएम बारिश में एक बार फिर मंडियों में गेहूं और सरसों भीग गई। इसके चलते भिवानी की अनाज मंडी में 35,000 क्विंटल गेहूं और चारामंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी डेढ़ लाख क्विंटल सरसों भीग गई। सोमवार को भिवानी की अनाज मंडी में बारिश में भीगे गेहूं में अधिक नमी की वजह से सरकारी खरीद नहीं हो पाई। वहीं उठान भी बाधित रहा। आढ़तियों को अब बारिश में भीगे गेहूं को सुखाने के निर्देश दिए हैं जबकि बारिश से भीगे गेहूं का रंग भी बदल गया।
भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में सोमवार को गेहूं की सरकारी खरीद बंद रही, इसकी वजह रविवार रात को आई रुक-रुक कर बारिश में गेहूं भीगना रहा। मंडी में खुले में पड़ा करीब 35,000 क्विंटल गेहूं भीग गया वहीं भराई कि गए गेहूं के कट्टे भी बारिश के पानी से तरबतर हो गए। इस वजह से उठान भी प्रभावित रहा वहीं खरीद भी बंद करनी पड़ी।
भिवानी की चारामंडी में सोमवार को 725 किसानों का 13,376 क्विंटल सरसों की आवक हुई। जबकि 733 किसानों की 8,942 क्विंटल सरसों खरीदी गई। वहीं पांच हजार क्विंटल सरसों का उठान भी हुआ। भिवानी में सोमवार को गेहूं के 375 गेट पास काटे गए। इन किसानों की 26,235 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। लेकिन गेहूं की सरकारी खरीद बारिश में गेहूं भीगने की वजह से नहीं हुई। अधिकारियों ने ढेरियों के बारिश में भीगने और खरीद के बाद भराई कराए गए गेहूं के कट्टे भीगने पर भी उन्हें सुखाकर फिर से भराई कराए जाने के निर्देश दिए।
भिवानी की अनाज मंडी में सड़कों पर भी गेहूं के कट्टे रखे हुए थे, जहां पानी भरा तो मजदूरों ने उन्हें हटाकर दूसरी जगह पटक दिया, मगर इनके अंदर रखा गेहूं भी भीगने के बाद गर्मी में सड़ने लगा। भिवानी जिले में अब तक करीब सवा दो लाख क्विंटल से अधिक की सरकारी खरीद हो चुकी हैं, मगर उठान दस फीसदी भी नहीं हुआ है।
इसी तरह करीब 20 लाख क्विंटल सरसों भी भिवानी जिले की नौ मंडियों में अब तक खरीद हो चुकी है। इसमें से मात्र साढ़े आठ लाख क्विंटल सरसों का ही अभी उठान हुआ है। दूसरे जिलों के गोदामों में सरसों पहुंचाई जा रही है। इस कारण उठान भी धीमा ही चल रहा है।
तीन दिन से गेहूं की खरीद बंद, आवक से बढ़ रहीं मुश्किलें
भिवानी मंडी में तीन दिनों से गेहूं की सरकारी खरीद बंद पड़ी है। जबकि सोमवार को गेहूं की नई आवक भी हुई है। पहले से ही मंडी में खुले आसमान के नीचे काफी गेहूं पड़ा है। वहीं मौसम बिगड़ने से किसानों की फसल पर भी इसकी मार पड़ी है। खरीद एजेंसी ने अधिक नमी बताकर खरीद से किनारा किया जा रहा है। ऐसे में फसल मंडी में लेकर पहुंच रहे किसान भी परेशान हैं, क्योंकि उन्हें सुरक्षित जगह पर गेहूं उतारने के लिए कोई शेड खाली नहीं मिल रही है। आढ़ती भी सड़क पर ही गेहूं उतारने की बात कह रहे हैं वहीं आढ़तियों की दुकानों के आगे भी पहले से ही गेहूं के ढेर लगे हैं।
सोमवार को भिवानी मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद नहीं कराई गई है। इसकी वजह मौसम खराब होना और गेहूं में अधिक नमी पाया जाना है। इस संबंध में आढ़तियों को भी गेहूं को अच्छी तरह से सुखाने के निर्देश दिए हैं। गेहूं का उठान भी कराया जा रहा है। -उमेद सिंह, इंचार्ज, खरीद एजेंसी भिवानी अनाज मंडी।