श्मशान घाट के रास्ते पर भरा पानी और अंतिम संस्कार के लिए शव को ट्रैक्टर ट्रॉली में रखकर ले जाते
भिवानी। गांव प्रेमनगर में अनुसूचित जाति के लोगों के लिए श्मशान घाट पर पहुंचने का रास्ता तक पक्का नहीं है। यह रास्ता उबड़-खाबड़ व कच्चा है, जहां पर थोड़ी सी बारिश में जलभराव हो गया है। जिसके चलते जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसे श्मशान घाट तक शव को ले जाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रविवार को गांव की वाल्मीकि बस्ती में एक बुजुर्ग की मृत्यु हो जाने पर उनकी शव यात्रा को कंधों के बजाय ट्रैक्टर में ले जाने को मजबूर होना पड़ा। यही नहीं शव यात्रा में शामिल लोगों को भी पानी से गुजरना पड़ा। पूर्व सरपंच प्रतिनिधि अधिवक्ता संदीप मल्हान ने बताया कि इस रास्ते को पक्का किए जाने के लिए कई बार जनप्रतिनिधि व प्रशासन को अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। इस बारे में गांव के मौजूदा सरपंच राजेश बूरा ने बताया कि गांव के विकास के लिए मुख्यमंत्री अनेकों घोषणाएं कर चुके है, जिनको जल्द पूरा किया जाना चाहिए।