अधिकारियों ने 20 दिसंबर तक राशनिंग लागू की थी, लेकिन अभी तक टैंकों में पानी की व्यवस्था नहीं हुई है, इसलिए जब तक टैंक नहीं भरते तब तक शहर में पानी की राशनिंग जारी रहेगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि अगर जल्द ही नहरों में पानी का स्तर नहीं बढ़ा तो हालात बिगड़ेंगे। क्योंकि ग्रामीण दायरे के साथ-साथ शहरी जलघर के टैंकों को पर्याप्त पानी मुहैया कराना नहरों में पानी के स्तर पर ही निर्भर है। आठ दिन ही नहरों में पानी चलना है। जबकि तीन दिन में तो नहरों की तलहटी तक ही पानी पहुंचा है।
सिंचाई विभाग ने सुंदर ग्रुप की नहरों में 2230 क्यूसेक पानी की डिमांड रखी थी। लेकिन लगातार तीसरे दिन भी सुंदर, मिताथल फीडर में 582 क्यूसेक पानी का ही स्तर बना है। ऐसे में जूई नहर को सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तीसरे दिन भी बंद रखना पड़ा। क्योंकि जूई नहर में 900 क्यूसेक पानी की डिमांड है, जबकि पहले से ही दो नहरों में डिमांड के अनुरूप बहुत कम पानी पहुंचा है। शहर के महम रोड स्थित पुराने जलघर के टैंक भी खाली हैं। नहरों में पानी आने के बाद भी इन टैंकों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसकी एक वजह यह भी है कि मिताथल नहर में बहुत कम पानी है।
जबकि पुराने जलघर के टैंकों तक पानी पहुंचाने के लिए करीब आठ किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली हुई है। जिसमें नहर से लिफ्ट कर पानी का दबाव बनाया जाता है। नहर में पानी कम होने की वजह से नहर में लिफ्टिंग का काम भी बंद है।
टैंकों को भरने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई
भिवानी शहर में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की राशनिंग लागू की हुई है। जनस्वास्थ्य विभाग ने शहरी दायरे में राशनिंग का नया शेड्यूल भी लागू किया है। हालांकि ये शेड्यूल 20 दिसंबर तक ही था, लेकिन अब तक टैंकों को भरने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसलिए शहर अभी पानी की राशनिंग और झेलेगा। महम रोड स्थित जलघर में सात पुराने और दो नए वाटर टैंक हैं, जो खाली हो गए हैं।
नहरों में पानी के स्तर में कुछ खास सुधार नहीं हुआ है। हमने चार दिन अतिरिक्त पानी चलाने की मांग मुख्यालय को भेजी है। हमारी प्राथमिकता शहरी और ग्रामीण दायरे के जलघर टैंकों को भरने की है। जैसे ही पानी के स्तर में सुधार होगा पेयजल जरूरतों के लिए प्राथमिकता के आधार पर टैंक भरे जाएंगे।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी, सिंचाई विभाग।