जूई नहर में शुक्रवार को डेढ़ सौ क्यूसेक पानी का स्तर घट गया। शनिवार को जूई नहर में पानी बंद हो जाएगा। इसके बाद निगाना फीडर में पानी छोड़ा जाएगा। दरअसल, जूई नहर में मोहला हेड से 900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसकी वजह से नहर कई जगह से ओवरफ्लो होने लगी तो सिंचाई विभाग ने भी मॉनिटरिंग शुरू कर दी। हालांकि नहर कहीं से भी क्षतिग्रस्त नहीं हुई।
शुक्रवार को नहर में पानी का स्तर कम करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मुख्यालय में बात की। इसके बाद डेढ़ सौ क्सूसेक पानी नहर में कम हो गया। जूई नहर में एक से 11 नवंबर तक पानी छोड़ा गया है। इंडेंट 750 क्यूसेक का दिया गया था, मगर नहर में अधिक पानी पहुंच गया। अब 12 से 19 नवंबर निगाना फीडर नहर में पानी छोड़ा जाएगा। इस समय किसान अपनी रबी सीजन की फसल बीजाई कर रहे हैं। खेतों में बीजाई कर रहे किसान खेतों की सिंचाई में भी लगे हैं। जबकि अधिकांश किसान अब गेहूं की बिजाई की तैयारी में लगे हैं। ऐसे किसानों को खेत में पानी की भी जरूरत है। वहीं जिले के ग्रामीण और शहरी जलघर के टैंकों को भी फिलहाल लबालब कर लिया गया है।
जूई नहर में इंडेंट से अधिक पानी पहुंच गया था। इस वजह से नहर ओवरफ्लो हुई थी। शुक्रवार को डेढ़ सौ क्यूसेक पानी कम हुआ है और शनिवार को जूई नहर में पानी बंद हो जाएगा। इसके बाद निगाना फीडर में पानी छोड़ा जाएगा। फिलहाल नहर में ज्यादा पानी आने से कोई नुकसान नहीं हुआ है।
-अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता जूई वाटर डिविजन सिंचाई विभाग भिवानी।