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Bhiwani News: मेडिकल कॉलेज निर्माण में निम्नस्तर की सामग्री प्रयोग का वीडियो हुआ वायरल

Mon, 13 Mar 2023 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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मेडिकल कॉलेज में लगाई गई निम्न क्वालिटी की ईंटें। 
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भिवानी। जिले में बन रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माणाधीन भवन विवादों के घेरे में आ गया है। नागरिक अस्पताल के नजदीक ही पुनर्वास केंद्र की जगह पर बन रहे स्टाफ क्वार्टरों में निम्नस्तर की सामग्री का प्रयोग होने का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने कंपनी व अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप भी लगाते हुए जांच की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर ब्रिज एंड रूफ कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों ने निम्न स्तर की निर्माण सामग्री के प्रयोग के आरोपों को सिरे से नकारा दिया है। कंपनी के अधिकारियों की दलील है कि वीडियो तीन माह पुरानी है और इन ईंटों का अस्थायी स्टोर रूम बनाने के लिए प्रयोग किया था, जिसे अब हटा दिया है।
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उल्लेखनीय है कि भिवानी में 10 जुलाई 2021 को ब्रिज एंड रूफ कंस्ट्रक्शन कंपनी ने मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू किया था। इनके निर्माण पर 535 करोड़ का अनुमानित बजट खर्च होगा। मेडिकल कॉलेज में पुनर्वास केंद्र परिसर की जगह पर जो बिल्डिंग बन रही है उसमें कई जगह ईंट लगाने का मामला सामने आया है। जो ईंट प्रयोग की है वे निम्न स्तर की है, जिसको लेकर जांच की मांग उठ रही है। हालांकि कंपनी के अधिकारियों ने इन आरोपों को नकारा है। अस्पताल परिसर में 420 बेड का नया छह मंजिला अस्पताल बनाने के अलावा तीन हॉस्टल बनाए जाएंगे। एक जूनियर महिला चिकित्सकों के लिए होगा तो दूसरा जूनियर पुरुष चिकित्सकों के लिए बनाया जाएगा। एक हॉस्टल नर्सों के लिए रहेगा। वीटा मिल्क प्लांट के पास चयनित जगह में सात मंजिला मेडिकल कॉलेज रहेगा, जहां मेडिकल के विद्यार्थियों की क्लास लगेंगी। वहीं पर प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वार्टर होंगे। पुनर्वास केंद्र की जगह पर प्रथम चरण में तीन बिल्डिंग बनेंगी। इसमें पांच मंजिला भवन रेजिडेंट क्वार्टर होगा। जिसमें 12 फ्लैट होंगे। 24-24 क्वार्टर की पांच-पांच मंजिला दो भवन अलग होंगे। द्वितीय चरण में यहां सीनियर रेजिडेंट हॉस्टल, जूनियर रेजिडेंट क्वार्टर बनाए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण में कहीं पर भी ईंटों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। पूरी बिल्डिंग में सीमेंट के ब्लॉक लगाए जाएंगे। वीडियो में जो ईंटों की दीवार दिखाई जा रही है वह अस्थायी स्टोर बनाने के प्रयोग की थी, ताकि सामान चोरी न हो जाए। पूरी बिल्डिंग में एक भी जगह ईंटों का प्रयोग नहीं किया है और न ही आगे किया जाएगा।
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- आवेश मीना, साइट इंजीनियर, ब्रिज एंड रूफ कंस्ट्रक्शन कंपनी।

मेडिकल कॉलेज में निम्न स्तर की ईंटें प्रयोग होने की एक वीडियो मिली थी। इसके बाद मैं स्वयं मौके पर गया, जहां पाया कि ईंट निम्न स्तर की है। इन ईंटों का प्रयोग होने से इमारत की गुणवत्ता प्रभावित होगी। प्रशासन से मांग है कि इस संबंध में गहनता से जांच की जाए और दोषी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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- अनिल कुमार, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 18
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