सीजेएम से मिलने जाते पीड़िता आशा व उसका पति ऋषिकुमार ।
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हरियाणा के भिवानी में गांव बापोड़ा में जमीन विवाद में एक महिला को ट्रैक्टर चढ़ाकर उसे अपाहिज कर दिया गया। मंगलवार को नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस से पीड़ित महिला लघु सचिवालय परिसर स्थित डीएलएसए में सीजेएम से मिलने पहुंची। सीजेएम को लिखित में शिकायती पत्र देकर पीड़ित महिला ने कहा कि साहब, मेरी इस हालत के जिम्मेदार आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। महिला ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
मंगलवार को एंबुलेंस से सदर पुलिस थाना पहुंची गांव बापोड़ा निवासी आशा ने बताया कि 22 अक्तूबर को गांव के ही कुछ लोगों ने उस पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या की कोशिश की थी। इस संबंध में सदर पुलिस थाना में उसकी शिकायत पर केस भी दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।
इसका फायदा उठाकर आरोपियों ने स्थानीय न्यायालय में 10 नवंबर को अग्रिम जमानत की कोशिश की, लेकिन उनकी अग्रिम जमानत याचिका न्यायालय से रद्द हो गई। इसके बाद भिवानी न्यायालय ने 14 नवंबर को आरोपियों की गिरफ्तारी के समन गए। हालांकि आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया।
पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि दो आरोपियों को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई, जबकि एक आरोपी को अभी भी कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार नहीं किया। महिला का आरोप है कि 26 जून को भी उसके पति ऋषि कुमार पर आरोपियों ने कुल्हाड़ी से हमला किया था, मगर सदर पुलिस ने दबाव देकर आरोपियों से समझौता करा दिया था। इसके बाद आरोपियों ने उसे ट्रैक्टर के नीचे रौंदकर उसकी ये हालत कर दी।
दंपती ने मांगी इच्छा मृत्यु
सदर पुलिस थाना में एंबुलेंस में आई आशा व उसके पति ऋषि कुमार ने सदर पुलिस की गैर जिम्मेदाराना रवैये से तंग आकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ऋषि कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी आशा काफी अर्से से गंभीर चोटों के कारण बिस्तर पर है। वहीं, सदर पुलिस थाना एसएचओ रमेशचंद्र ने इस संबंध में पीड़ित व उसके परिजनों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।