जाम के कारण सड़क पर लगी वाहनों की कतार।
लोहारू (भिवानी)। गांव ढाणी जोगी निवासी एक निजी स्कूल के प्रवक्ता सतीश की आत्महत्या के मामले में पुलिस के रवैये को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। प्रवक्ता के आत्महत्या मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर बुधवार शाम गांव के सैकड़ों लोगों ने स्थानीय दादरी मोड़ पर एनएच 709ई (दिल्ली-पिलानी) व 334बी (मेरठ-लोहारू) पर जाम लगाकर अपनी नाराजगी का इजहार किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निजी स्कूल संचालक ने सतीश को धमकियां दी थीं। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लोहारू थाने में सतीश ने एक शिकायत भी दी थी, लेकिन मुंशी ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा उसे ही धमकाया। यदि उसे उस वक्त न्याय मिल जाता तो गांव का एक होनहार युवक यूं दुनिया छोड़कर नहीं जाता। घटना से गुस्साए लोगों ने बुधवार को लोहारू दादरी मोड़ पर जाम लगा दिया और कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने गुस्साए लोगों को शांत करते हुए हर संभव कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और कहा कि जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नही जाएगा। इस आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
एक घंटे के दौरान लग गई वाहनों की कतारें
दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक घंटे के दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, जाम लगने के बाद मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी विद्यानंद के आश्वासन से गुस्साए लोग संतुष्ट नहीं हुए। प्रदर्शनकारी जयभगवान, जगदीश ढाणी जोगी, मनीराम, नरेश, अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, परिजन रोहताश व अमीदत्त ने बताया कि उनके गांव का युवक सतीश सतनाली में एक निजी स्कूल में पीजीटी अध्यापक था और सतनाली में कमरा लेकर रहता था। बीती रात व्हाट्सएप ग्रुप में सतीश ने एक सुसाइड नोट वायरल किया था। इसमें उसने सतनाली के मांटेसरी स्कूल के हरीश व लोहारू थाना के एक मुंशी देवेंद्र पर आरोप लगाए हैं। इस दौरान उनकी आपस में कई बार बहस भी हुई। करीब एक घंटे चले इस जाम के दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम अमित कुमार और डीएसपी अशोक कुमार ने गुस्साए लोगों को समुचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया।
इकलौता संतान था मास्टर सतीश
ग्रामीणों ने बताया कि सतीश के पिता महाबीर का पहले ही देहांत हो चुका है। सतीश, माता-पिता का इकलौता पुत्र था। तीन वर्ष पहले ही सतीश का विवाह रेणु से हुआ था और उसके एक करीब 13 माह का पुत्र है। पूरे परिवार का गुजारा चलाने वाले होनहार युवक सतीश की मौत के बाद परिवार पर भी गुजर बसर की दिक्कत आ गई है।